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एक घंटा पहले
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विचारों
दिवाली की तैयारियों में मूर्तियों की सफाई का महत्व
दिवाली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है और इस पर्व की तैयारियां कई हफ्तों पहले से ही घरों में शुरू हो जाती हैं। सफाई और सजावट के बीच लक्ष्मी-गणेश की पूजा का विशेष स्थान है। कई घरों में धातु यानी पीतल और तांबे से बनी लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं होती हैं, जिनकी नियमित रूप से पूजा की जाती है। समय बीतने के साथ धातु की ये मूर्तियां अपनी स्वाभाविक चमक खो देती हैं और उन पर कालापन या फीकापन आ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा घर में गंदी या फीकी पड़ी मूर्तियों का होना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में लोग इन्हें चमकाने के लिए कई तरह के प्रयास करते हैं, लेकिन कई बार सही जानकारी न होने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते। अपनी मूर्तियों को वापस नई जैसी चमक देने के लिए आप कुछ प्रभावी घरेलू उपायों को आजमा सकते हैं।
नींबू और नमक का अचूक मिश्रण
पीतल और तांबे की वस्तुओं को साफ करने के लिए नींबू और नमक का तालमेल सबसे पुराना और असरदार तरीका है। इसके लिए आपको बस एक छोटी कटोरी में दो चम्मच नमक लेना है और उसमें एक ताजे नींबू का रस अच्छी तरह मिलाना है। इस तैयार मिश्रण को एक स्पंज या मुलायम सूती कपड़े की मदद से मूर्ति के चारों ओर लगा दें। इस पेस्ट को मूर्ति पर लगाकर 5 से 10 मिनट तक छोड़ देना चाहिए ताकि मैल अच्छी तरह घुल जाए। इसके बाद मूर्ति को गुनगुने पानी से धो लें और अंत में एक साफ सूखे सूती कपड़े से पोंछ लें। ऐसा करने से धातु की चमक वापस लौट आएगी।
इमली का प्राकृतिक असर
तांबे और पीतल की पुरानी मूर्तियों पर जमी कालिख और सख्त जिद्दी दागों को हटाने के लिए इमली एक बेहद कारगर और प्राकृतिक विकल्प है। इमली का उपयोग करने के लिए पहले उसे थोड़े पानी में भिगोकर उसका गाढ़ा गूदा तैयार कर लें। इस गूदे को मूर्ति पर हर जगह अच्छी तरह लगाएं और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। इमली में मौजूद प्राकृतिक एसिड धातु की ऊपरी सतह पर जमी गंदगी को गहराई से काटने का काम करता है। अंत में मूर्ति को साफ पानी से अच्छी तरह धुलकर सुखा लें।
सिरका और बेकिंग सोडा का इस्तेमाल
अगर आपकी मूर्तियां काफी पुरानी होने की वजह से बहुत ज्यादा गंदी दिख रही हैं और उन पर जिद्दी दाग लगे हुए हैं, तो आप सिरका और बेकिंग सोडा का उपयोग कर सकते हैं। एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा सा सफेद सिरका मिलाएं। मिश्रण में जब हल्का झाग उठने लगे, तो इसे एक मुलायम ब्रश की सहायता से मूर्ति के कोनों और बारीक नक्काशी में लगाएं। हल्के हाथों से रगड़ने के बाद इसे साफ पानी से धो लें। हालांकि, चांदी की मूर्तियों पर इस मिश्रण का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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