पोस्ट ऑफिस की 365 दिन वाली एफडी पर कितना मिलेगा रिटर्न और क्या है निवेश की सीमा मेरा पैसा एक घंटा पहले 4
डाकघर की टाइम डिपॉजिट योजना में निवेश करने वाले ग्राहकों को ब्याज दर और निवेश की अधिकतम सीमा के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। जानें 1 साल की अवधि वाली स्कीम में आपको क्या फायदे मिल सकते हैं।

डाकघर की बचत योजनाओं पर लोगों का अटूट भरोसा

भारत सरकार द्वारा संचालित पोस्ट ऑफिस न केवल डाक सेवाएं प्रदान करता है, बल्कि यह देश के करोड़ों लोगों के लिए बचत का एक सुरक्षित और भरोसेमंद माध्यम भी है। पोस्ट ऑफिस की विभिन्न बचत योजनाएं अपनी सुरक्षा और गारंटीड रिटर्न के कारण आम नागरिकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। चूंकि इन निवेशों को भारत सरकार का संरक्षण प्राप्त होता है, इसलिए देश का एक बड़ा वर्ग बिना किसी संकोच के अपना पैसा यहाँ निवेश करता है। यदि आप भी डाकघर में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यहां मिलने वाली एफडी यानी टाइम डिपॉजिट स्कीम के बारे में जानना आपके लिए जरूरी है।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट और ब्याज दरें

जिस तरह से कमर्शियल बैंक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी योजनाएं पेश करते हैं, उसी तरह पोस्ट ऑफिस में इसे टाइम डिपॉजिट (TD) के नाम से संचालित किया जाता है। यह योजना पूरी तरह से बैंकों की एफडी जैसी है। इसमें आपको एक निश्चित राशि एक बार में जमा करनी होती है और अवधि पूरी होने पर यानी मैच्योरिटी के समय आपको मूलधन के साथ तयशुदा ब्याज का भुगतान कर दिया जाता है। डाकघर में 1 साल, 2 साल, 3 साल और 5 साल की अवधि के विकल्प उपलब्ध हैं। अगर बात करें 365 दिन यानी 1 साल की एफडी की, तो इस पर वर्तमान में ग्राहकों को 6.90 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है।

निवेश की अधिकतम सीमा और ब्याज की जानकारी

पोस्ट ऑफिस में विभिन्न अवधियों के लिए ब्याज दरें अलग-अलग निर्धारित हैं, जो 6.90 प्रतिशत से शुरू होकर 7.50 प्रतिशत तक जाती हैं। सबसे अधिक ब्याज दर का लाभ 5 साल की एफडी कराने वाले ग्राहकों को मिलता है, जिन्हें 7.50 प्रतिशत की दर से रिटर्न प्राप्त होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पोस्ट ऑफिस की इन एफडी योजनाओं में निवेश की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की गई है। इसका सीधा सा मतलब है कि आप अपनी सुविधा और वित्तीय क्षमता के अनुसार इस योजना में कितनी भी बड़ी राशि का निवेश कर सकते हैं।

क्या वरिष्ठ नागरिकों के लिए हैं अलग नियम

आमतौर पर देखा जाता है कि देश के अधिकांश बैंक 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक ब्याज दर की सुविधा प्रदान करते हैं। कई बैंक तो 80 वर्ष से अधिक के ग्राहकों के लिए विशेष ब्याज दरें भी पेश करते हैं। हालांकि, पोस्ट ऑफिस के मामले में स्थिति थोड़ी अलग है। डाकघर की एफडी योजनाओं में निवेश करने वाले सभी आयु वर्ग के ग्राहकों को एक समान ब्याज दर का लाभ मिलता है। यहाँ उम्र के आधार पर ब्याज दरों में किसी भी प्रकार का अंतर नहीं किया जाता है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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