यूनियन बैंक में 444 दिन की FD पर मिलेगा तगड़ा रिटर्न, वरिष्ठ नागरिकों को हो रहा है विशेष लाभ मेरा पैसा 2 घंटे पहले 3
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को सावधि जमा यानी FD पर आकर्षक ब्याज दरें प्रदान कर रहा है। विशेष रूप से 444 दिनों की अवधि वाली योजना पर वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है।

यूनियन बैंक की FD पर ब्याज दरें

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया एक प्रमुख सरकारी बैंक के रूप में अपने ग्राहकों को फिक्स्ड डिपोजिट यानी एफडी स्कीमों पर बेहतरीन रिटर्न का विकल्प दे रहा है। बैंक की ओर से दी जाने वाली ब्याज दरें 2.70 प्रतिशत से शुरू होकर 7.30 प्रतिशत तक जाती हैं। बैंक अपने ग्राहकों को निवेश के लिए लचीलापन प्रदान करता है, जहां न्यूनतम 7 दिनों की अवधि से लेकर अधिकतम 10 साल तक की लंबी अवधि के लिए एफडी खाता खोला जा सकता है। वर्तमान में बैंक की 444 दिनों वाली विशेष एफडी स्कीम चर्चा में है, जिसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करना जरूरी है।

444 दिन की FD पर ब्याज का गणित

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की 444 दिनों वाली एफडी योजना पर मिलने वाली ब्याज दरें अलग-अलग आयु वर्ग के हिसाब से निर्धारित की गई हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये दरें 3 करोड़ रुपये से कम के जमा पर ही लागू होती हैं।

  • सामान्य नागरिक: 59 वर्ष से कम आयु के ग्राहकों को इस अवधि पर 6.50 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है।
  • वरिष्ठ नागरिक: 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 7.00 प्रतिशत तय की गई है।
  • सुपर सीनियर सिटीजन्स: 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स को इस स्कीम के तहत सबसे अधिक 7.25 प्रतिशत का ब्याज मिलता है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त लाभ

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने बुजुर्ग ग्राहकों के लिए विशेष व्यवस्था की है। सामान्य नागरिकों की तुलना में वरिष्ठ नागरिकों को उनकी एफडी पर 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिलता है। इसके अतिरिक्त, सुपर सीनियर सिटीजन्स को वरिष्ठ नागरिकों के मुकाबले भी 0.25 प्रतिशत अधिक ब्याज दर की पेशकश की जा रही है। अलग-अलग बैंकों में सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए ब्याज दरों का ढांचा भिन्न हो सकता है, लेकिन यूनियन बैंक इस मामले में काफी प्रतिस्पर्धी दरें प्रदान कर रहा है।

ब्याज दरों में संशोधन और प्रभाव

बैंक ने अपनी एफडी दरों में अंतिम बदलाव 4 अगस्त, 2026 को किया था। यह समझना आवश्यक है कि देश के अन्य बैंकों की तरह यूनियन बैंक द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरें भी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाने वाली रेपो रेट के साथ जुड़ी होती हैं। बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव और मौद्रिक नीति का सीधा असर इन ब्याज दरों पर पड़ता है, इसलिए निवेश करने से पहले बैंक की नवीनतम जानकारी को ध्यान में रखना चाहिए।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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