राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
2
विचारों
ईरान से जुड़े युद्ध के हालात के बीच होर्मुज स्ट्रेट में टकराव थमने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। दुनिया भर में 'एनर्जी कॉरिडोर' के नाम से मशहूर इस समुद्री गलियारे से अब गैस और तेल लदे टैंकरों का गुजरना लगभग नामुमकिन हो गया है। फारस की खाड़ी से होर्मुज के रास्ते ओमान की खाड़ी होते हुए अरब सागर की ओर बढ़ने वाले मालवाहक जहाजों और टैंकरों पर लगातार हमले हो रहे हैं।
72 घंटे में तीन भारतीय नाविकों की मौत
ऐसी ही घटनाओं में बीते 72 घंटे या उससे कुछ अधिक समय के भीतर तीन भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। वहीं इन हमलों की चपेट में आए 65 अन्य नाविकों को किसी तरह सुरक्षित बचा लिया गया है। नाविकों के इस तरह संकट में फंसने से भारत सरकार की चिंता काफी बढ़ गई है।
सरकार ने जारी की एडवायजरी
हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) ने सभी भारतीय नाविकों, शिपिंग कंपनियों और जहाज प्रबंधकों के लिए एडवायजरी जारी की है। सरकार की ओर से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को अतिरिक्त सावधानी और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
अमेरिका और ईरान की कड़ी निगरानी
इस इलाके पर अमेरिका और ईरान, दोनों पक्षों की ओर से कड़ी निगरानी रखी जा रही है, जिससे यहां से गुजरना और जोखिम भरा हो गया है। हालांकि भारत ने यह साफ किया है कि अब तक भारतीय झंडे वाले किसी भी जहाज पर हमला नहीं हुआ है।
Comments
0 comment