मुजफ्फरनगर और मेरठ में स्कूलों की छुट्टियां: कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 3 अगस्त से बड़ा बदलाव उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और मेरठ में कांवड़ यात्रा के चलते स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में लंबी छुट्टियां घोषित की गई हैं। यह फैसला भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है।

मुजफ्फरनगर में 10 अगस्त तक शैक्षणिक गतिविधियां बंद

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने 3 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2026 तक सभी विद्यालयों में अवकाश का ऐलान किया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह आदेश जनपद के सभी प्री प्राइमरी, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर लागू होगा। इसके अलावा, यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से जुड़े स्कूलों के साथ-साथ डिग्री कॉलेजों, डाइट और अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थाओं में भी अवकाश रहेगा। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इन सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों को इस आदेश का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है।

मेरठ में 12 अगस्त तक का अवकाश

मुजफ्फरनगर के साथ-साथ मेरठ में भी जिला प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया है। मेरठ के जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा की विशालता और संभावित भीड़ को देखते हुए 3 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक की छुट्टी की घोषणा की है। इस दौरान मेरठ के सभी बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों के अलावा सभी तकनीकी विश्वविद्यालय और संस्थान भी बंद रहेंगे। प्रशासन की प्राथमिकता यात्रा के दौरान छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है।

कांवड़ यात्रा का महत्व और उम्मीदें

गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है। पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो हरिद्वार से लगभग 4 करोड़ शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचे थे। इस बार शिवभक्तों की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है। आने वाले कुछ दिनों में एन एच 58 पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब देखने को मिलेगा। पूरे मार्ग पर भगवा रंग और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण पूरी तरह शिवमय हो जाएगा।

क्या है कांवड़ यात्रा की परंपरा

हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष स्थान है। इस दौरान भगवान शिव के भक्त पवित्र नदियों, विशेषकर गंगा से जल भरकर पैदल यात्रा करते हैं और अपने स्थानीय शिव मंदिरों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। यात्रा करने वाले भक्तों को 'कांवड़िये' या 'भोले' के नाम से संबोधित किया जाता है। कांवड़ मुख्य रूप से बांस की एक संरचना होती है, जिसे आकर्षक झंडों और फूलों से सजाया जाता है और इसके दोनों सिरों पर जल के पात्र लटकाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के पूरे रूट पर सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखने के लिए मांस और शराब की दुकानों को बंद रखने का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिया गया है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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