पाकिस्तान के कराची में एचआईवी का कहर: 6 बच्चों की मौत, 94 संक्रमित मिलने से हड़कंप विश्व एक महीने पहले 54
पाकिस्तान के कराची स्थित एक सरकारी अस्पताल में एचआईवी संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जहां पिछले साल नवंबर से अब तक 6 बच्चों की जान जा चुकी है और कुल 94 बच्चे संक्रमित पाए गए हैं।

कराची के अस्पताल में फैला एचआईवी

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में स्थित एक सरकारी अस्पताल में एचआईवी संक्रमण ने विकराल रूप ले लिया है। सिंध प्रांत के स्वास्थ्य सचिव ताहिर हुसैन सांगी ने जानकारी दी है कि नवंबर 2025 से अब तक इस जानलेवा वायरस के चलते 6 मासूम बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। इस संक्रमण की शुरुआत सबसे पहले कराची के कुलसूम बाई वालिका अस्पताल से हुई थी, जो कि सिंध एम्प्लॉइज सोशल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन के अंतर्गत संचालित किया जाता है।

इस महीने दर्ज हुए 16 नए मामले

स्वास्थ्य सचिव ताहिर हुसैन सांगी के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय के सख्त निर्देशों के बाद विभाग द्वारा विस्तृत जांच शुरू की गई। अस्पताल के रिकॉर्ड को खंगालने पर पता चला कि एचआईवी एड्स वायरस का यह प्रकोप पिछले साल नवंबर महीने से शुरू हुआ था। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, केवल इसी महीने बच्चों के भीतर एचआईवी के 16 नए मामलों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही, नवंबर 2025 से अब तक कुल 94 बच्चे इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इस भयावह स्थिति को देखते हुए सिंध स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के आसपास के क्षेत्रों में मेडिकल टीमें तैनात की हैं ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।

120 लोग मिले संक्रमित, सरकारी खर्चे पर इलाज जारी

जांच के दायरे में अस्पताल के निकट रहने वाली आबादी को भी लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अस्पताल के आसपास बसे लगभग 10,000 लोगों के परीक्षण किए गए, जिनमें से 120 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इन संक्रमित लोगों में बच्चे और बड़े दोनों शामिल हैं। सरकार ने इन सभी मरीजों का इलाज पूरी तरह से मुफ्त करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञों की एक समिति का गठन कर चुका है, जो इन मरीजों के लिए आजीवन इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु कार्य कर रही है।

पुन: इस्तेमाल की गई सिरिंज बनी थी पहले भी मुसीबत

पाकिस्तान में चिकित्सा लापरवाही के कारण एचआईवी फैलने की यह पहली घटना नहीं है। इसी साल अप्रैल में भी एक ऐसी ही दर्दनाक घटना सामने आई थी, जहां एक ही सिरिंज का कई मरीजों पर इस्तेमाल किया गया था। उस समय 331 बच्चों के एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया था। उस मामले में अस्पताल के स्टाफ द्वारा मल्टी डोज वायल्स पर एक ही सिरिंज को बार-बार इस्तेमाल करने और बिना दस्ताने पहने इंजेक्शन लगाने जैसी गंभीर लापरवाही सामने आई थी।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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