हरियाणा
2 घंटे पहले
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हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला क्षेत्र स्थित गांव खरकड़ा में 40 वर्षीय बिंटू की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद रविवार को इलाके का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। आक्रोशित परिजनों ने बरवाला थाने के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया और पुलिस पर गंभीर आरोप मढ़े।
पूछताछ के लिए बुलाने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, गांव के एक पारिवारिक विवाद से जुड़ी शिकायत के सिलसिले में पुलिस ने शुक्रवार को बिंटू समेत पांच लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। उनका कहना है कि सभी को पूरे दिन थाने में बैठाए रखा गया और इसी दौरान बिंटू की तबीयत बिगड़ने के बावजूद उसे कोई राहत नहीं दी गई।
अस्पताल में तोड़ा दम
परिवार का दावा है कि शुक्रवार देर शाम घर लौटने के बाद बिंटू की हालत अचानक खराब हो गई। पहले उसे बरवाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां स्थिति गंभीर देखते हुए उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई।
थाने के बाहर धरना
मौत से गुस्साए परिजन रविवार सुबह शव लेकर बरवाला थाने पहुंच गए और गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि पुलिस की सख्ती और मानसिक प्रताड़ना के चलते बिंटू की जान गई। परिजनों ने संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग रखी और अंतिम संस्कार न करवाने पर अड़े रहे।
बातचीत के बाद थमा मामला
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और क्षेत्र के सामाजिक प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। काफी देर चली बातचीत और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई। इसके बाद परिजन शव को गांव ले गए, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार पर संकट
बिंटू मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। अचानक हुई इस मौत ने परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से झकझोर दिया है, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर है।
पुलिस ने आरोपों को नकारा
बरवाला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कर्मजीत सिंह ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूछताछ के दौरान किसी तरह की प्रताड़ना या लापरवाही नहीं बरती गई। उनके अनुसार परिजन अपनी शिकायत लेकर थाने आए थे और ग्रामीणों तथा गणमान्य लोगों की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद संतुष्ट होकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए।
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