हिमाचल प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप: रेड अलर्ट के बीच तीन जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद भारत एक महीने पहले 54
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने जैसी आपदाओं के चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं और जगह-जगह भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

हिमाचल में मानसून की भारी तबाही

हिमाचल प्रदेश इस वक्त मानसून की मार झेल रहा है। राज्य में लगातार हो रही बारिश ने हालात विकट कर दिए हैं। नदियां उफान पर हैं और पहाड़ों के खिसकने से खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के बाद मंगलवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, शिमला जिले के ठियोग, चंबा के सलूणी और कुल्लू के निरमंड में भी बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि प्रदेश के कई इलाकों में 27 जुलाई तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

बादल फटने से घरों को भारी नुकसान

मंगलवार को कांगड़ा जिले की शाहपुर उप-संभाग की बोह घाटी में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। यहां की सपेड़ी और गरुड़ गांवों में मूसलाधार बारिश के कारण 6 घर बह गए। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि लाम गांव अभी भी खतरे की जद में है। भूस्खलन के कारण गांवों को जोड़ने वाले कई संपर्क मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गए हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़कों का बुरा हाल

किन्नौर जिले में लैंडस्लाइड ने परिवहन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग-5 कहा जाता है, यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। शलखर और सामदो के पास पहाड़ी से गिरे मलबे और पत्थरों ने रास्ते बंद कर दिए हैं। शिमला में भी रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। राज्य में कुल 36 सड़कें बंद पड़ी हैं। नूरपुर-लाहड़ू, चौबाड़ी-दलहौजी, शाहपुर-सिहुंता-चौबाड़ी और राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए जैसे प्रमुख मार्ग आवाजाही के लिए बंद हैं।

प्रशासन की चेतावनी और बुनियादी ढांचे पर असर

आपातकालीन संचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, बारिश के कारण 43 पेयजल योजनाएं और 5 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है। काजा, स्पीति, पूह और रिकांग पिओ के बीच परिवहन सेवाएं ठप हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदियों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के करीब न जाएं। उधर, जम्मू-कश्मीर में भी बारिश का कहर जारी है, जहां आई बाढ़ में कारें खिलौनों की तरह बहती हुई नजर आईं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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