नेपाल के डोल्पा में कुदरत का कहर, 3600 मीटर की ऊंचाई पर भारी बर्फबारी में फंसे 6 भारतीय राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 9
नेपाल के शे-फोक्सुंडो राष्ट्रीय उद्यान में भारी बर्फबारी के कारण छह भारतीय पर्यटक फंस गए हैं, जिन्हें निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

हिमालयी बर्फीले तूफान में घिरे भारतीय

नेपाल के दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है। शे-फोक्सुंडो राष्ट्रीय उद्यान के बर्फीले रास्तों में छह भारतीय पर्यटक फंस गए हैं, जो अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जिस इलाके में ये पर्यटक फंसे हैं, वह समुद्र तल से 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस दल में दो महिलाएं भी शामिल हैं, जो नेपाल की सबसे गहरी झील का दीदार करने के लिए वहां पहुंची थीं।

भारी बर्फबारी ने बढ़ाई मुश्किलें

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 31 अक्टूबर की दोपहर से शुरू हुई, जब इस क्षेत्र में अचानक भारी बर्फबारी होने लगी। डोल्पा के मुख्य जिला अधिकारी जुनु ढकाल ने बताया कि पर्यटक शे-फोक्सुंडो ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर 8 स्थित धो इलाके की ओर गए थे। फिलहाल पूरा इलाका बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है, जिसने बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। शे-फोक्सुंडो झील अपनी गहराई के लिए जानी जाती है, जो लगभग 145 मीटर गहरी है और बेहद दुर्गम ऊंचाई पर स्थित है।

बचाव के लिए सेना का हेलीकॉप्टर तैनात

प्रशासन ने पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। मुख्य जिला अधिकारी जुनु ढकाल ने बताया कि फंसे हुए पर्यटकों की सटीक लोकेशन का पता लगा लिया गया है। उन्हें बचाने के लिए सेना का एक हेलीकॉप्टर घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही इन पर्यटकों को सकुशल वापस ला लिया जाएगा।

चेतावनी को नजरअंदाज करना पड़ा भारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय नेपाली गाइड द्वारा दी गई चेतावनी को इन पर्यटकों ने गंभीरता से नहीं लिया। भारी बर्फबारी की संभावना और बिगड़े मौसम के संकेतों के बावजूद पर्यटक अपने गाइड को छोड़कर खुद ही झील की ओर आगे बढ़ गए। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब शनिवार रात को उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया। इससे पहले 31 अक्टूबर की शाम को गाइड ने डोल्पा जिला प्रशासन को फोन कर आशंका जताई थी कि पर्यटक बर्फबारी में फंस सकते हैं। दुर्भाग्यवश, 1 नवंबर की सुबह उनसे संपर्क पूरी तरह से समाप्त हो गया, जिसके बाद बचाव अभियान में और तेजी लाई गई है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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