सहारनपुर में भारी बारिश से तबाही, कब्रिस्तान की मिट्टी बहने से कब्रों से बाहर आए शव उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 87
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिसके चलते एक कब्रिस्तान की मिट्टी कटने से शव बाहर निकल आए।

सहारनपुर में बारिश का कहर

उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला इन दिनों भीषण बारिश का सामना कर रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, लेकिन इस बार बारिश का असर एक ऐसी जगह पर देखा गया जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। दिल्ली-देहरादून हाईवे के किनारे स्थित सैय्यद माजरा गांव में भारी बारिश के कारण कब्रिस्तान का बुरा हाल हो गया है। जलभराव और मिट्टी के कटाव की वजह से कई कब्रें क्षतिग्रस्त हो गईं और मिट्टी बहने के कारण शव बाहर निकल आए, जो पानी की तेज धार के साथ इधर-उधर बहने लगे। इस खौफनाक स्थिति की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।

प्रशासन और ग्रामीणों का मानवीय कदम

इस दुखद और संवेदनशील स्थिति की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके का रुख किया। पुलिस और ग्रामीणों ने आपसी तालमेल का परिचय देते हुए एक मिसाल कायम की है। उन्होंने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए बाहर आए शवों को एकत्रित किया और पूरी मर्यादा के साथ उन्हें पुनः दफन करने की प्रक्रिया पूरी की। समाज के इस कठिन समय में पुलिस और आम जनता द्वारा दिखाई गई तत्परता और सम्मान की स्थानीय स्तर पर खूब सराहना की जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि इस विषम परिस्थिति में प्रशासन का सहयोग काबिले तारीफ रहा।

स्थायी सुरक्षा की उठने लगी मांग

इस घटना के बाद अब स्थानीय लोगों ने प्रशासन के समक्ष भविष्य के लिए ठोस कदम उठाने की मांग रखी है। लोगों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने और लगातार हो रहे मिट्टी के कटाव के कारण कब्रिस्तान का अस्तित्व खतरे में है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस धार्मिक स्थल की सुरक्षा के लिए पक्की चारदीवारी का निर्माण कराया जाए और जलभराव को रोकने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं ताकि भविष्य में दोबारा कभी ऐसी हृदयविदारक स्थिति उत्पन्न न हो।

यूपी में 11 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक 11 जुलाई तक राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। लखनऊ मौसम केंद्र की मानें तो राज्य के मध्य-उत्तरी हिस्सों में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मॉनसूनी हवाओं के कारण बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि, अगले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में बारिश का असर कुछ अधिक समय तक बने रहने की संभावना जताई गई है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप