जीवनशैली
3 घंटे पहले
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विचारों
कम उम्र में बालों का सफेद होना
आजकल के दौर में कम उम्र के बच्चों के बाल सफेद होना एक बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है। आमतौर पर बढ़ती उम्र के साथ बालों का रंग बदलना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन बच्चों में यह समस्या अभिभावकों को परेशान कर देती है। गाजियाबाद की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या द्विवेदी के अनुसार, यदि 25 साल से कम आयु में ही बाल सफेद होने लगते हैं, तो चिकित्सकीय भाषा में इसे Premature Greying कहा जाता है।
बाल सफेद होने के प्रमुख कारण
डॉ. दिव्या द्विवेदी ने बच्चों के बालों के सफेद होने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारणों पर प्रकाश डाला है। उनके अनुसार, इसके लिए जिम्मेदार मुख्य कारक निम्नलिखित हैं:
- आनुवंशिक कारण: यदि परिवार में माता-पिता के बाल भी कम उम्र में सफेद हुए हैं, तो बच्चों में भी इसकी संभावना काफी बढ़ जाती है। यह एक प्रमुख जेनेटिक फैक्टर है।
- तनाव का असर: आज के समय में बच्चों पर भी शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य और बालों पर पड़ता है।
- खान-पान और पोषण: शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी और असंतुलित आहार बालों की प्राकृतिक चमक और रंग को प्रभावित करते हैं।
- जीवनशैली: खराब दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी इस समस्या को बढ़ावा दे रही है।
विशेषज्ञ की राय
डॉ. दिव्या द्विवेदी का मानना है कि बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना अनिवार्य है। यदि बाल सफेद होने की समस्या अधिक दिखाई दे, तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। सही समय पर खान-पान में बदलाव और जीवनशैली को व्यवस्थित करके इस समस्या के प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
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