हरियाणा में नर्सिंग स्टाफ का गुस्सा फूटा, सम्मान और सुरक्षा की मांग पर सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी हरियाणा एक महीने पहले 22
हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग कर्मचारियों ने सम्मान और सुरक्षा की मांग को लेकर विरोध जताया। यमुनानगर सिविल अस्पताल में दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल हुई और कर्मचारियों ने महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया से सार्वजनिक माफी की मांग की।

हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को नर्सिंग कर्मचारियों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। अपने सम्मान और सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदेश भर में नर्सिंग स्टाफ ने विरोध दर्ज कराया। इसी क्रम में यमुनानगर के सिविल अस्पताल में नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल कर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रति अपना रोष जताया।

ओपीडी और वार्ड की सेवाओं पर असर

यमुनानगर सिविल अस्पताल में पेन डाउन हड़ताल के कारण इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अस्पताल की ज्यादातर स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं। ओपीडी और वार्डों में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को इस वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि उनका संघर्ष केवल अपनी मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अपने सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए भी आवाज उठा रहे हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि हाल ही में कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी सिविल अस्पताल में हुई घटना ने पूरे प्रदेश के नर्सिंग स्टाफ को आहत किया है।

आखिर क्या है पूरा मामला

दरअसल, 7 जून को हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले की जांच के सिलसिले में कुरुक्षेत्र के एलएनजी अस्पताल पहुंची थीं। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ को फटकार लगाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद कर्मचारियों में रोष बढ़ता चला गया। रेणु भाटिया ने नर्सों से पूछा था कि वे घटना के समय मौके पर मौजूद क्यों नहीं थीं और उन्होंने पीड़िता को अकेले डॉक्टर के पास क्यों रहने दिया। इस दौरान उन्होंने नर्सों को कड़ी फटकार लगाई थी।

आरोपी अस्पताल में कंसल्टेंट फिजिशियन के पद पर था तैनात

दूसरी ओर, दुष्कर्म के इस मामले में केयूके थाना पुलिस आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी अस्पताल में कंसल्टेंट फिजिशियन के पद पर कार्यरत था। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं।

रेणु भाटिया से सार्वजनिक माफी की मांग

नर्सिंग कर्मचारियों ने कहा कि किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि को कर्मचारियों के साथ अपमानजनक बर्ताव नहीं करना चाहिए। धरने पर बैठे नर्सिंग स्टाफ ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के व्यवहार को बेहद आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने रेणु भाटिया से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग की है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों और सम्मान से जुड़े मुद्दे पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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