गुड़ियों की जादुई दुनिया! एक ही छत के नीचे 85 देशों की झलक, बच्चों को मिनी वर्ल्ड टूर कराएगा यह म्यूजियम जीवनशैली एक महीने पहले 43
दिल्ली स्थित शंकर इंटरनेशनल डॉल्स म्यूज़ियम में 85 देशों की 6500 से ज्यादा गुड़िया मौजूद हैं। यह स्थान बच्चों के लिए किसी मिनी वर्ल्ड टूर से कम नहीं है और सोमवार को छोड़कर बाकी दिन खुला रहता है।

दिल्ली का एक अनोखा डेस्टिनेशन

अगर आप दिल्ली में बच्चों के साथ घूमने के लिए कोई ऐसी जगह तलाश रहे हैं जो मनोरंजन के साथ कुछ नया सीखने का मौका भी दे, तो ITO के पास स्थित शंकर इंटरनेशनल डॉल्स म्यूज़ियम एक बेहतरीन विकल्प है। यह जगह किसी जादुई दुनिया से कम नहीं है जहाँ बच्चों को दुनियाभर की संस्कृतियों की झलक एक साथ देखने को मिलती है।

85 देशों का मिनी वर्ल्ड टूर

इस म्यूजियम में 85 देशों से लाई गई 6500 से ज्यादा गुड़िया मौजूद हैं। यहाँ एक ही छत के नीचे Japan, Russia, America, Spain, France और India सहित कई देशों की सांस्कृतिक विरासत को देखा जा सकता है। बच्चों के लिए यह अनुभव किसी मिनी वर्ल्ड टूर जैसा है।

खासियत और आकर्षण

  • कॉस्ट्यूम डॉल्स: ये गुड़िया केवल खिलौने नहीं हैं, बल्कि ये अपने देश की पारंपरिक पोशाकें और रीति-रिवाजों को दर्शाती हैं। इनमें Japan की किमोनो पहनी गुड़िया और Spain की फ्लेमेंको डांसर गुड़िया खास आकर्षण हैं।
  • इंडियन सेक्शन: म्यूजियम के इस हिस्से में भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृति दिखाई गई है। यहाँ राजस्थान की घाघरा-चोली, पंजाब का भांगड़ा लुक और दक्षिण भारत की पारंपरिक साड़ियां गुड़ियों के माध्यम से प्रदर्शित की गई हैं, जो बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ती हैं।

समय और टिकट की जानकारी

म्यूजियम जाने से पहले आप समय और टिकट की जानकारी जरूर नोट कर लें:

  • समय: यह सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक खुला रहता है।
  • साप्ताहिक अवकाश: म्यूजियम हर Monday को बंद रहता है।
  • टिकट दरें: बड़ों के लिए टिकट की कीमत 15 से 30 रुपये और बच्चों के लिए 5 से 13 रुपये के बीच है।

किफायती खर्च में बच्चों के लिए यह एक शानदार आउटिंग साबित हो सकती है। गर्मियों की छुट्टियों का भरपूर लाभ उठाने के लिए आप बच्चों को यहाँ जरूर ले जाएं।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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