मध्य प्रदेश
2 घंटे पहले
2
विचारों
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने टूटते पारिवारिक रिश्तों और बढ़ते मानसिक दबाव के खतरनाक नतीजे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। सागरताल पीएम आवास में रहने वाले 38 वर्षीय एक युवक ने अपने ही घर के भीतर गमछे का फंदा बनाकर मौत को गले लगा लिया। जान देने से पहले उसने एक भावुक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें अपने माता-पिता के प्रति स्नेह जताते हुए उसने 'आई लव यू मम्मी पापा' लिखा।
तलाक और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था युवक
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि मृतक जयवीर भदौरिया लंबे समय से अपनी पत्नी के साथ चल रहे तलाक के मुकदमे, अदालत में लंबित भरण-पोषण के केस और गंभीर आर्थिक संकट के कारण मानसिक रूप से बुरी तरह परेशान चल रहा था। यही तनाव धीरे-धीरे उसे ऐसे कदम तक ले गया।
दोस्त को खुला मिला घर का दरवाजा
घटना का पता उस वक्त चला, जब बुधवार सुबह मृतक का करीबी दोस्त जोगेंद्र किसी जरूरी काम से उसके घर पहुंचा। वहां पहुंचने पर उसने देखा कि घर का दरवाजा खुला हुआ है, जिससे उसके मन में किसी अनहोनी की आशंका जाग उठी। घबराहट में जब वह कमरे के भीतर दाखिल हुआ, तो सामने का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए—उसका दोस्त जयवीर भदौरिया फंदे से लटका हुआ था। उसने बिना देर किए पुलिस को इसकी सूचना दी।
खबर मिलते ही पुलिस बल और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य अपने कब्जे में लिए।
सुसाइड नोट में दर्ज की अंतिम इच्छाएं
शव के पास से बरामद हुए सुसाइड नोट में जयवीर ने अपनी कई आखिरी बातें और इच्छाएं लिख रखी थीं। उसने साफ शब्दों में लिखा कि वह यह कदम पूरी तरह अपनी मर्जी से उठा रहा है, लिहाजा उसकी मौत के बाद किसी भी निर्दोष को बेवजह परेशान न किया जाए।
नोट में उसने एक चौंकाने वाली बात भी लिखी कि उसकी मृत्यु के बाद उसका पार्थिव शरीर उसके माता-पिता को न सौंपा जाए। हालांकि नोट के बिल्कुल आखिरी हिस्से में उसने अपनी मां और पत्नी, दोनों के मोबाइल नंबर भी दर्ज कर दिए, ताकि पुलिस उनसे संपर्क कर सके।
तलाक के बाद मायके में रह रही थी पत्नी
पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच में पुलिस को पता चला कि जयवीर भदौरिया और उसकी पत्नी रेनू के बीच लंबे समय से गंभीर पारिवारिक विवाद चल रहा था। दोनों के रिश्ते इतने बिगड़े कि अदालत के जरिए उनका तलाक हो चुका था और फिलहाल पत्नी अपने दो बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। इसके साथ ही अदालत में भरण-पोषण का मुकदमा भी चल रहा था, जिसने जयवीर को आर्थिक और मानसिक रूप से और दबाव में डाल दिया था।
घटना से दो दिन पहले मांगे थे 10 हजार रुपये
दोस्त जोगेंद्र ने पुलिस को बताया कि जयवीर इन दिनों भारी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। घटना से ठीक दो दिन पहले मंगलवार की रात उसने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए उससे 10 हजार रुपये उधार मांगे थे, जबकि उस वक्त खुद जोगेंद्र के बैंक खाते में सिर्फ 5 हजार रुपये ही बचे थे।
Comments
0 comment