पूर्व मेजर की रात में रोकी गाड़ी, परिवार के सामने बदसलूकी का गंभीर आरोप दिल्ली एक महीने पहले 25
कारगिल और कश्मीर में सेवा दे चुके भारतीय सेना के एक पूर्व मेजर ने गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस पर गंदी पाइप से ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट कराने और परिवार के सामने प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मामले की जांच अब एसीपी ट्रैफिक को सौंपी गई है।

देश की सरहदों पर कारगिल और कश्मीर जैसे दुर्गम इलाकों में सेवा दे चुके भारतीय सेना के एक पूर्व मेजर ने गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप जड़े हैं। उनका कहना है कि शराब की जांच के दौरान न केवल उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि पहले से इस्तेमाल हो चुकी गंदी पाइप के जरिए उनका ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट भी कराया गया। यह घटना गुरुग्राम के चर्चित साइबर हब के पास देर रात चल रही चेकिंग के दौरान की बताई जा रही है।

पहली जांच में दिखे 91 MG

पूर्व सैन्य अधिकारी का कहना है कि जांच के लिए दिए गए ब्रीथ एनालाइजर में लगी पाइप पहले से इस्तेमाल की हुई और बेहद गंदी थी। जैसे ही उन्होंने उस पाइप में फूंक मारी, मशीन में अल्कोहल का स्तर 91 MG दर्ज हुआ। इस पर उन्होंने तत्काल आपत्ति जताई और नई, साफ पाइप लगाकर दोबारा जांच कराने की मांग रखी।

112 पर कॉल करते ही मौके से हट गई पुलिस

हैरान करने वाली बात यह रही कि जब नई पाइप के साथ दोबारा टेस्ट हुआ, तो रीडिंग घटकर महज 13 MG पर आ गई, जो निर्धारित सीमा के भीतर है। पूर्व मेजर के आरोप यहीं नहीं थमते। उनका दावा है कि जब उन्होंने इस गड़बड़ी का विरोध किया और अपने फोन से वीडियो बनाने की कोशिश की, तो मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनका मोबाइल छीन लिया।

उनका यह भी कहना है कि देश के लिए जान जोखिम में डालने वाले उन्हें उनकी पत्नी और दो बेटियों के सामने देर रात तक सड़क पर परेशान और प्रताड़ित किया गया। जब पीड़ित परिवार ने मदद के लिए आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल किया, तो पुलिस की पीसीआर वैन के पहुंचने से पहले ही आरोपी ट्रैफिक पुलिस की टीम वहां से नदारद हो गई।

जांच की जिम्मेदारी एसीपी ट्रैफिक को

इस घटनाक्रम के बाद पूर्व सैन्य अधिकारी ने गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपी है। न्याय की मांग करते हुए उन्होंने कहा है कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरा फुटेज और ब्रीथ एनालाइजर के डिजिटल रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और डीसीपी ट्रैफिक ने इसकी जांच एसीपी ट्रैफिक को सौंप दी है।

बॉडी वॉर्न कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जाएगी

पुलिस का कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है और अगर कोई भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस घटना ने एक बार फिर ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली और आम लोगों के साथ उनके बर्ताव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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