हरियाणा
एक घंटा पहले
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गुरुग्राम का जलसंकट और गहराती राजनीति
हरियाणा के गुरुग्राम में बीते दिनों हुई भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया है। शहर की सड़कें दरिया में तब्दील हो गई हैं और स्कूली बच्चों से लेकर आम नागरिकों तक को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के बीच अब शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। केंद्रीय राज्यमंत्री और गुरुग्राम से भाजपा सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने इस अव्यवस्था के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस की पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि शहर की नींव जिस तरह से रखी गई, वही आज की समस्याओं का मुख्य कारण है।
राव इंद्रजीत का अंडरग्राउंड टनल का सुझाव
एएनआई के साथ बातचीत में राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि गुरुग्राम में सालों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण पुराने समय में किए गए विकास कार्य हैं, जिनमें उन पारंपरिक नालों को नजरअंदाज कर दिया गया जो अरावली की पहाड़ियों से आने वाले पानी को यमुना तक ले जाने का काम करते थे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शहर का विकास उन पुरानी जल निकासी प्रणालियों के ऊपर कर दिया गया है। जब उनसे पूछा गया कि इससे बचने का उपाय क्या है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका केवल एक ही समाधान है और वह है अंडरग्राउंड टनल का निर्माण। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभी हमें ऐसे अस्थायी समाधान ढूंढने होंगे जिनसे शहर को थोड़ी राहत मिल सके, क्योंकि अगर हम किसी एक जगह पानी को रोकते हैं तो वह दूसरी जगह से बाहर निकलेगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले पर गंभीरता से काम कर रही है और आवश्यक धन की व्यवस्था जुटाई जा रही है।
विपक्ष का पलटवार और आरोप-प्रत्यारोप
राव इंद्रजीत के बयान के बाद राजनीति भी गर्म हो गई है। रेवाड़ी के पूर्व विधायक चिरंजीव राव ने सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि आज गुरुग्राम पानी में डूबा हुआ है, गाड़ियां जाम में फंस रही हैं और आम जनता त्राहिमाम कर रही है, लेकिन सांसद का इस पर कोई ठोस बयान नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले जब उन्हें किसी कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया था तो वे काफी नाराज हो गए थे, लेकिन अब जब जनता मुसीबत में है तो वे खामोश हैं। वहीं, हरियाणा सरकार में मंत्री श्रुति चौधरी ने बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री लगातार इस मुद्दे पर समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने इसे एक पुरानी समस्या बताते हुए कहा कि इसे जड़ से खत्म करने में समय लगेगा, क्योंकि यह एक दीर्घकालिक चुनौती है।
बारिश के आंकड़े और शहर का हाल
पिछले 24 घंटों यानी 25 अगस्त सुबह 8 बजे से 26 अगस्त सुबह 8 बजे तक गुरुग्राम के विभिन्न इलाकों में हुई बारिश के आंकड़े डराने वाले हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम शहर में 15 मिमी, कादीपुर में 41 मिमी, हर्सरू में 41 मिमी, वजीराबाद में 6 मिमी, बादशाहपुर में 6 मिमी, सोहना में 73 मिमी, मानेसर में 11 मिमी, पटौदी में 2 मिमी और फरुखनगर में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अत्यधिक बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव और भारी जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
सदर बाजार के लिए नई कार्ययोजना
गुरुग्राम के ऐतिहासिक सदर बाजार को जाम की समस्या से मुक्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। स्थानीय विधायक मुकेश शर्मा के अनुसार, सदर बाजार में नई सड़क का निर्माण पूरा किया जा चुका है और इसे आकर्षक बनाने के लिए फैंसी लाइटें भी लगाई गई हैं। अब मुख्य चुनौती बाजार को वाहनों के दबाव से मुक्त करने की है। इसके लिए एक नई व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिसके तहत बाजार में ई-रिक्शा और निजी वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। ग्राहकों की सुविधा के लिए कमान सराय में पार्किंग की व्यवस्था की गई है और वहां से बाजार तक उन्हें पहुंचाने के लिए गोल्फ कार्ट चलाने की तैयारी चल रही है। यह कवायद शहर के सबसे व्यस्त बाजार को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से की जा रही है ताकि भविष्य में व्यापारियों और ग्राहकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
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