एल्विश यादव फायरिंग मामला: रोहतक से गिरफ्तार हुआ यूट्यूबर का पुराना पार्टनर, पैसों के विवाद में रची थी घर पर गोलियां बरसाने की साजिश हरियाणा एक महीने पहले 91
यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने रोहतक से एल्विश के पूर्व बिजनेस पार्टनर भविष्य दहिया को गिरफ्तार किया है, जिसने पैसों के विवाद के कारण इस हमले की साजिश रची थी।

मशहूर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित आवास पर हुई गोलीबारी के सनसनीखेज मामले में पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने घटना के लगभग 11 महीने बाद इस पूरे मामले के मुख्य साजिशकर्ता और छठे आरोपी को धर दबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान भविष्य दहिया के रूप में की गई है, जिसे पुलिस ने हरियाणा के रोहतक जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी भविष्य दहिया और एल्विश यादव कभी एक-दूसरे के बिजनेस पार्टनर हुआ करते थे, लेकिन पैसों के लालच और आपसी वित्तीय लेन-देन के विवाद ने इस पुरानी साझेदारी को गहरी दुश्मनी में बदल दिया। इसी रंजिश के चलते इस खतरनाक हमले को अंजाम दिया गया।

एल्विश यादव के पूर्व बिजनेस पार्टनर ने रची थी साजिश

गुरुग्राम पुलिस द्वारा की गई गहन तफ्तीश में यह बात पूरी तरह साफ हो गई है कि इस पूरी वारदात के पीछे का असली मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि एल्विश यादव का पुराना व्यावसायिक सहयोगी भविष्य दहिया ही था। जांच के अनुसार, भविष्य दहिया ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर एल्विश यादव को डराने, धमकाने और उन पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी योजना बनाई थी। दोनों के बीच लंबे समय से पैसों को लेकर काफी बड़ा विवाद चल रहा था। भविष्य को लगा कि अगर वह एल्विश के घर पर हमला करवाकर उन पर मानसिक दबाव बनाएगा, तो वह आसानी से उनसे मोटी रकम वसूलने में कामयाब हो जाएगा। इसी वित्तीय लालच के जाल में फंसकर उसने किराए के शूटरों का इंतजाम किया और इस पूरी हिंसक वारदात की साजिश रची।

17 अगस्त 2025 की वो खौफनाक वारदात

यह पूरी सनसनीखेज घटना पिछले साल 17 अगस्त 2025 को सामने आई थी, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। गुरुग्राम के सेक्टर-57 स्थित एल्विश यादव के आवास पर अचानक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन नकाबपोश हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी थीं। हमलावरों ने घर के मुख्य हिस्से को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायरिंग की और देखते ही देखते मौके से फरार हो गए। हमलावरों की यह सारी करतूत वहां घर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में पूरी तरह कैद हो गई थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया था, जो लगातार अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।

पिता की शिकायत और पुलिस की सघन जांच

इस जानलेवा हमले के बाद एल्विश यादव के पिता ने तुरंत गुरुग्राम के सेक्टर-56 थाने में जाकर पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अपनी जांच आगे बढ़ाई। वारदात की गंभीरता को देखते हुए घटना स्थल पर फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की टीमों को तुरंत बुलाया गया था। इन टीमों ने बारीकी से घटना स्थल का निरीक्षण किया, जहां से पुलिस को कई खाली कारतूस और फिंगरप्रिंट्स के बेहद महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन वैज्ञानिक सबूतों ने पुलिस को आरोपियों की पहचान करने और उन तक पहुंचने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

क्राइम ब्रांच सेक्टर-43 को मिली बड़ी कामयाबी

इस मामले की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच सेक्टर-43 की टीम काफी समय से फरार चल रहे मुख्य साजिशकर्ता भविष्य दहिया की तलाश में लगातार विभिन्न राज्यों और जिलों में छापेमारी कर रही थी। आखिरकार, पुख्ता जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम ने रोहतक में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह मामला अभी पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है। पुलिस अधिकारी अब इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि क्या इस पूरी साजिश के पीछे कोई और बड़ा अपराधी या कोई संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। पुलिस पकड़े गए आरोपी को रिमांड पर लेकर लगातार पूछताछ कर रही है ताकि इस मामले से जुड़े अन्य छिपे हुए तथ्यों और साजिश के अन्य पहलुओं का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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