हरियाणा
एक दिन पहले
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देश की राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित एक पेइंग गेस्ट (पीजी) की इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस भीषण हादसे में मलबे में दबने के कारण अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बड़े हादसे के बाद से ही पूरी इमारत का मालिक हरिराम बंसल पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं, लेकिन आरोपी मकान मालिक का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
गुरुग्राम वाले घर और दुकान पर लगा ताला, दिल्ली पुलिस खाली हाथ लौटी
हादसे के बाद आरोपी मकान मालिक हरिराम बंसल अपनी पत्नी और पूरे परिवार के साथ फरार हो गया है। वह मूल रूप से गुरुग्राम का रहने वाला है। गुरुग्राम के सेक्टर-23 में स्थित उसके मकान पर ताला लटका हुआ है और पूरा परिवार भूमिगत हो गया है। दिल्ली पुलिस की एक टीम आरोपी की धरपकड़ के लिए गुरुग्राम स्थित उसके आवास पर पहुंची थी, लेकिन वहां ताला लटके होने की वजह से पुलिस को खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा।
हरिराम बंसल के पड़ोसी एसके शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही हरिराम बंसल और उनके परिवार को घर पर देखा था, लेकिन उसके बाद से वहां कोई हलचल नहीं देखी गई है। पड़ोसी के अनुसार, यह परिवार पिछले कई सालों से इसी मकान में रह रहा है। हरिराम बंसल मुख्य रूप से हार्डवेयर के कारोबार से जुड़े हुए हैं और सेक्टर-23 में ही उनका व्यापार फैला हुआ है।
पुलिस की टीम ने आरोपी की दुकान पर भी छापा मारा, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। सेक्टर-23 में हरी पेंट्स एंड हार्डवेयर नाम से संचालित होने वाली उनकी दुकान पर भी ताला लटका मिला। बताया जा रहा है कि यह दुकान कल देर शाम से ही बंद पड़ी है और परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं।
बंसल परिवार की अन्य संपत्तियां और कारोबार
पड़ोसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, हरिराम बंसल का कारोबार केवल एक दुकान तक ही सीमित नहीं है। सेक्टर-23 में उनके पास और भी कई संपत्तियां और मकान मौजूद हैं। उनके बेटे और बेटी अलग-अलग मकानों में निवास करते हैं, लेकिन हादसे की खबर फैलते ही वे सभी अपने-अपने घरों में ताला लगाकर कहीं चले गए हैं। दिल्ली पुलिस अब इनके रिश्तेदारों और अन्य करीबियों से पूछताछ कर रही है ताकि फरार मकान मालिक का पता लगाया जा सके।
NDRF और दमकल विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे वाली जगह पर राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के महानिरीक्षक (IG) नरेंद्र सिंह बुंदेला ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर ताजा आंकड़े जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि मलबे से अब तक कुल 12 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है।
राहत अभियान के तहत मलबे से निकाले गए लोगों की स्थिति इस प्रकार है:
- मलबे से निकाले गए लोगों में से 6 लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है।
- अन्य 5 घायल व्यक्तियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
- इसके अलावा, एक अन्य व्यक्ति का शव अभी भी मलबे के भारी टुकड़ों के बीच फंसा हुआ है, जिसे बाहर निकालने के लिए दमकल विभाग और NDRF की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि वह व्यक्ति मलबे में दबने के कारण बेहोश हो चुका है।
NDRF के IG ने आगे जानकारी दी कि इस गंभीर घटना को राज्य सरकार बेहद संवेदनशीलता के साथ ले रही है। खुद मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से पूरी घटना की गहन जांच की जा रही है और मलबे को हटाने का काम निरंतर जारी है।
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