गुजरात में अघोरी बाबा बनकर किया लाखों का फ्रॉड, 76 साल के बुजुर्ग को ऐसे फंसाया ठगों ने क्राइम एक घंटा पहले 6
गुजरात के वलसाड में खुद को अघोरी बाबा बताकर एक 76 वर्षीय बुजुर्ग से करीब 20 लाख रुपये की ठगी करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कुल 8 आरोपियों में से 3 और लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

आस्था के नाम पर शातिर ठगी का खेल

गुजरात के वलसाड जिले में आस्था और अंधविश्वास की आड़ में साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ठगों ने एक 76 वर्षीय बुजुर्ग को अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने खुद को अघोरी बाबा और चमत्कारी गुरु बताकर पीड़ित के मन में यह विश्वास पैदा किया कि वे उनकी धन-संपत्ति को दैवीय शक्तियों से दोगुना कर सकते हैं। इस झांसे में आकर बुजुर्ग ने अपनी मेहनत की कमाई के 19 लाख 60 हजार रुपये गंवा दिए। वलसाड साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से तीन की हालिया गिरफ्तारी महीसागर जिले के वीरपुर से हुई है।

कैसे शुरू हुआ ठगी का सिलसिला

इस पूरे मामले की जड़ें 29 अप्रैल से जुड़ी हैं। इंटरनेट के माध्यम से ठगों ने संपर्क साधा और खुद को अघोरी बाबा का अनुयायी व चमत्कारी गुरु बताया। आरोपियों ने बड़ी चालाकी से बुजुर्ग को यकीन दिलाया कि वे विशेष पूजा और अनुष्ठान के जरिए उनका रुका हुआ धन वापस ला सकते हैं और मौजूद रकम को बढ़ा सकते हैं। बुजुर्ग आरोपियों की चिकनी-चुपड़ी बातों में आ गए और उनके द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में पैसे डालना शुरू कर दिया। अनुष्ठान के नाम पर उनसे कुल 19 लाख 60 हजार 500 रुपये ऐंठ लिए गए। रकम मिलते ही सभी आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिए और गायब हो गए। जब बुजुर्ग को अहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उन्होंने परिजनों के साथ मिलकर वलसाड साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

मामला दर्ज होने के बाद साइबर सेल ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए एक विशेष ऑपरेशन चलाया। पुलिस टीम ने आरोपियों के सोशल मीडिया हैंडल, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड को खंगालना शुरू किया। तकनीकी इनपुट और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से पुलिस को 26 अक्टूबर को एक ठोस सुराग मिला। सब इंस्पेक्टर डी.एस. पटेल को जानकारी मिली कि आरोपी महबूब शेख बालासिनोर के देव चौक इलाके में देखा गया है। पुलिस ने जाल बिछाया और महबूब को धर दबोचा। महबूब से पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने वीरपुर में छापेमारी की और वहां से सरफराज पठान और साहिलमियां शेख को गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक कुल आठ लोग सलाखों के पीछे जा चुके हैं।

कौन हैं ये ठग और क्या करते हैं काम

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी महीसागर जिले के वीरपुर कस्बे के रहने वाले हैं और सामान्य पेशों की आड़ में इस आपराधिक गिरोह का संचालन कर रहे थे:

  • महबूब शेख (23 वर्ष): यह योगेश्वर पार्क सोसायटी के सामने रहता है और नौकरी करता है।
  • सरफराज पठान (39 वर्ष): यह टिंबा फली का निवासी है और पेशे से ड्राइवर है।
  • साहिलमियां शेख (23 वर्ष): यह स्कूल के पास पान की दुकान चलाता है।

पुलिस अब इस गिरोह के बाकी फरार सदस्यों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने इस तरह से और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की हिदायत

वलसाड पुलिस ने इस घटना के बाद आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि तांत्रिक क्रियाओं या पूजा-पाठ के माध्यम से धन दोगुना करने का दावा करने वाले लोग पूरी तरह से फर्जी होते हैं। पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते से पैसा ट्रांसफर न करें। अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी, जैसे ओटीपी या अकाउंट नंबर, किसी भी अपरिचित व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि कोई संदिग्ध कॉल आए, तो तुरंत बातचीत बंद कर दें। यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करना चाहिए या साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। सतर्कता ही इस तरह के डिजिटल अपराधों से बचाव का एकमात्र तरीका है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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