बिहार
एक घंटा पहले
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गंडक के रौद्र रूप से गोपालगंज में संकट
बिहार में मानसून की मार अब गंभीर रूप लेती जा रही है। पड़ोसी देश नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर बिहार के गोपालगंज जिले में देखने को मिल रहा है। गंडक नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। स्थिति इतनी विकट है कि सैकड़ों परिवार अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं और प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस मदद न पहुंचने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
कई गांव बाढ़ की चपेट में
बाढ़ के पानी के कारण सदर प्रखंड के दर्जनों गांवों का बुरा हाल है। प्रभावित इलाकों में मुख्य रूप से रामनगर, मेहंदिया, जगिरी टोला, खाप मकसूदपुर, कमल चौधरी के टोला, रामपुर टेंगराही और राजवाही जैसे गांव शामिल हैं। इसके अलावा, मांझा प्रखंड के नेमुईया गांव में भी बाढ़ का पानी फैल चुका है, जिससे जन-जीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।
बुनियादी ढांचे को हुआ भारी नुकसान
नदी के उफान ने केवल आवासीय इलाकों को ही नहीं, बल्कि सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक गांवों में स्थित सरकारी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और प्लस-टू विद्यालय पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं। पानी के बढ़ते दबाव से कच्चे घरों के गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है, जिससे जान-माल के भारी नुकसान की आशंका बनी हुई है।
जिला मुख्यालय से टूटा संपर्क
सड़कें जलमग्न होने के कारण करीब दो दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय और प्रखंड कार्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। नाव के अभाव में लोग घरों से निकलने में भी असमर्थ हैं। दियारा क्षेत्र के निवासी दोहरी मार झेल रहे हैं, जहां न केवल उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं बल्कि उन्हें आवश्यक सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इतने दिनों से संकट में फंसे होने के बावजूद जिला प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि स्थिति का जायजा लेने नहीं आया है, जिससे लोगों के बीच भविष्य को लेकर चिंता और प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
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