जून में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, सोना ₹15,000 और चांदी ₹45,000 तक सस्ती हुई व्यापार 2 महीने पहले 83
जून 2026 में कीमती धातुओं के बाजार में जोरदार गिरावट देखी गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के भाव काफी नीचे आ गए हैं, जिससे नए खरीदारों के लिए निवेश का एक अच्छा अवसर बना है।

सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए राहत

यदि आप लंबे समय से सोने या चांदी में पैसा लगाने की योजना बना रहे थे, तो जून 2026 आपके लिए बेहतरीन मौका लेकर आया है। इस महीने में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों पर नजर डालें तो जून के दौरान सोना 10 ग्राम पर करीब 15,000 रुपये तक टूट गया है। वहीं, चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जहां एक किलो चांदी की कीमत में लगभग 45,000 रुपये की कमी आई है।

बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून 2026 को सोने का भाव 1,54,908 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, जो अब घटकर 1,39,843 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। चांदी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही रही। 1 जून को चांदी का भाव 2,63,458 रुपये प्रति किलो था, जो आज गिरकर 2,18,680 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा है। इस भारी गिरावट के बाद से बाजार के नए निवेशकों में उत्साह का माहौल है, हालांकि जिन्होंने ऊंचे भाव पर निवेश किया था, वे थोड़े चिंतित नजर आ रहे हैं।

जून 2026 में सोने की कीमतों का सफर

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 1 जून से 25 जून तक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा है। महीने की शुरुआत 1,54,908 रुपये से हुई थी। बीच में 2 जून को भाव 1,56,113 रुपये तक पहुंच गए थे, लेकिन उसके बाद लगातार बिकवाली हावी रही। 10 जून को भाव घटकर 1,46,695 रुपये रहे और महीने के अंत तक 25 जून को यह 1,39,843 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस पूरे महीने में कुल बदलाव -15,065 रुपये का दर्ज किया गया है।

चांदी की कीमतों का विश्लेषण

चांदी ने भी सोने की तरह ही गिरावट का रुख दिखाया है। 1 जून को चांदी 2,63,458 रुपये प्रति किलो थी। महीने की शुरुआत में मामूली बढ़त के बाद, 8 जून को भाव गिरकर 2,41,617 रुपये पर आ गए थे। गिरावट का यह दौर जारी रहा और 19 जून को भाव 2,31,829 रुपये तक पहुंच गए। अंततः 25 जून को चांदी 2,18,680 रुपये पर स्थिर हुई। 1 जून के मुकाबले चांदी में अब तक कुल 44,778 रुपये की कमी आई है।

कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालातों के कारण आई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अपनाए गए सख्त रुख ने सोने और चांदी पर दबाव बना दिया है। अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची बने रहने की संभावना बनी हुई है, जिससे अमेरिकी डॉलर में मजबूती देखी जा रही है और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश के साधनों के बजाय अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका सीधा असर सोने-चांदी के दामों पर पड़ रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

जो लोग लंबी अवधि का निवेश देख रहे हैं, उनके लिए मौजूदा कीमतें काफी आकर्षक हो सकती हैं। यदि कीमतों में और सुधार होता है, तो निचले स्तर पर खरीदारी करना भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, इसलिए निवेश से पहले सतर्क रहना जरूरी है। जो निवेशक पहले से ही बाजार में बने हुए हैं, उन्हें घबराहट में अपने निवेश को बेचने से बचना चाहिए। यह गिरावट वैश्विक परिस्थितियों के कारण है। यदि आपके पास अतिरिक्त फंड है, तो धीरे-धीरे निवेश बढ़ाकर आप अपने औसत खरीद मूल्य को बेहतर बना सकते हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप