गणित और कंप्यूटिंग में करियर की राह: बिहार के इस सरकारी कॉलेज में शुरू हो रहा नया बीटेक कोर्स, जानिए पूरी जानकारी बिहार एक महीने पहले 14
बिहार में पहली बार मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग में बीटेक की पढ़ाई गया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होने जा रही है, जिसके लिए 60 सीटों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। AI और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग को देखते हुए यह कोर्स छात्रों के लिए नए अवसर खोलेगा।

अगर आपकी रुचि गणित और कंप्यूटर दोनों में है, तो मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग में बीटेक आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह कोर्स छात्रों को उन्नत गणित की गहरी समझ देता है, जिससे उनकी कंप्यूटिंग क्षमता मजबूत होती है और वे समस्याओं को सुलझाने के साथ-साथ रचनात्मक समाधान निकालने में भी सक्षम बनते हैं।

बिहार के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक अहम खुशखबरी सामने आई है। राज्य में पहली बार मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग (Mathematics and Computing) में बीटेक कोर्स की शुरुआत होने जा रही है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस नए और आधुनिक पाठ्यक्रम को आरंभ करने का निर्णय लिया है। इसकी पढ़ाई गया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होगी।

60 सीटों का प्रस्ताव तैयार

गया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में इस कोर्स के लिए 60 सीटों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह पाठ्यक्रम कंप्यूटर साइंस शाखा के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में इस तरह का कोर्स पहली बार शुरू किया जा रहा है, जिससे छात्रों को नई तकनीकों और आधुनिक करियर विकल्पों का लाभ मिल सकेगा।

गणित और कंप्यूटर साइंस की संयुक्त पढ़ाई

मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग एक ऐसा कोर्स है जिसमें उन्नत गणित और कंप्यूटर साइंस दोनों विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। इसके जरिए छात्रों को कैलकुलस, सांख्यिकी, डेटा विश्लेषण, प्रोग्रामिंग और कंप्यूटिंग जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों की जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही वे जटिल समस्याओं को सुलझाने और नई तकनीक विकसित करने की क्षमता भी हासिल कर पाएंगे।

बिहार के छात्रों को मिलेगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर में इस कोर्स की भारी मांग है। यही कारण है कि देश के कई प्रमुख संस्थानों में यह पाठ्यक्रम पहले से ही संचालित हो रहा है, और अब बिहार के छात्र भी इसका लाभ उठा सकेंगे।

रोजगार के बेहतर अवसर

इस कोर्स को पूरा करने के बाद छात्र सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, वेबसाइट डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं। इसके अलावा बहुराष्ट्रीय कंपनियों, सॉफ्टवेयर फर्मों, बैंकिंग सेक्टर और रिसर्च संस्थानों में भी उनके लिए रोजगार के अच्छे अवसर मौजूद रहेंगे।

बीसीईसीई के जरिए भी मिलेगा प्रवेश

गया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णा प्रसाद ने बताया कि बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में यह कोर्स पहली बार शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पाठ्यक्रम में नामांकन जेईई मेन्स की रैंक के आधार पर होगा, जबकि कुछ सीटों पर बीसीईसीई के माध्यम से भी छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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