गढ़चिरौली में भारी बारिश का कहर: गुंडेनूर नाले में उफान से 7 गांवों का टूटा संपर्क, जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण महाराष्ट्र 2 महीने पहले 75
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में मूसलाधार बारिश के बाद गुंडेनूर नाला उफान पर है, जिससे सात गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है और लोग खतरनाक परिस्थितियों में यात्रा करने को मजबूर हैं।

महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। लगातार हो रही इस भारी बरसात ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। विशेष रूप से गढ़चिरौली जिले के भामरागड तालुका में स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। यहां के गुंडेनूर नाले में आई तेज बाढ़ के कारण सात दूरदराज के गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से पूरी तरह टूट गया है। इस वजह से स्थानीय नागरिकों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जान जोखिम में डालकर उफनते नदी-नालों को पार करना पड़ रहा है।

बाढ़ के पानी में डूबा संपर्क मार्ग, सात गांवों के लोग फंसे

भामरागड तालुका में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते गुंडेनूर नाले का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। पानी के इस तेज बहाव के कारण बिनागुंडा क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट चुका है। नाले में पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण यातायात पूरी तरह ठप पड़ गया है। बाढ़ की वजह से प्रभावित होने वाले मुख्य गांवों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • पेरमलभट्टी
  • पुंगासूर
  • तुर्रेमरका
  • दामनमर्का
  • गुंडेनूर
  • बांगडी
  • बिनागुंडा

इन सभी गांवों के नागरिकों को आवश्यक सामग्री जुटाने और अपने दैनिक कार्यों के संपादन के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मुश्किल समय के लिए ग्रामीणों की खास तैयारी, इस बार पड़ी अधूरी

इस सुदूर जंगली इलाके के निवासी मानसून के दौरान होने वाली इस परेशानी से भली-भांति परिचित हैं। इसलिए हर साल बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही बिनागुंडा क्षेत्र के लोग अपनी दोपहिया गाड़ियों को बाढ़ प्रभावित नाले के पार यानी लाहेरी की सुरक्षित दिशा में ले जाकर पार्क कर देते हैं। इस व्यवस्था के तहत, बाढ़ आने पर वे किसी तरह पैदल नाला पार करते हैं और फिर वहां पहले से खड़ी अपनी गाड़ियों का उपयोग कर आगे लाहेरी और तहसील मुख्यालय भामरागड तक का सफर तय करते हैं।

हालांकि, इस वर्ष मानसून की शुरुआत देरी से हुई, जिसके कारण ग्रामीणों को यह अंदाजा नहीं था कि नाले में पानी इतनी तेजी से बढ़ जाएगा। अचानक पानी का स्तर बढ़ने के कारण कई लोग अपनी दोपहिया गाड़ियों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचा सके। पानी को तेजी से बढ़ता देख ग्रामीणों में अपनी गाड़ियां निकालने की अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने तो तत्परता दिखाते हुए अपने वाहन सुरक्षित निकाल लिए, लेकिन कई लोग पानी के तेज बहाव के कारण अपने वाहनों को नाले के पार नहीं ले जा पाए और वे वहीं फंस गए।

प्रशासन की चेतावनी और सालाना मुसीबत

लाहेरी और बिनागुंडा के बीच स्थित गुंडेनूर नाला बरसात के दिनों में इस पूरे इलाके के लिए एक बड़ी बाधा साबित होता है। हर साल मानसून की पहली बारिश के साथ ही इस नाले में बाढ़ आ जाती है और इस पूरे क्षेत्र का संपर्क अन्य हिस्सों से टूट जाता है, जिससे आवश्यक सेवाएं भी ठप हो जाती हैं। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने इस मार्ग पर यातायात को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे पानी का स्तर कम होने तक धैर्य रखें और अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को पार करने का प्रयास बिल्कुल न करें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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