गर्मी की छुट्टियों में करें दिव्य दर्शन! बिहार के ये 4 प्रसिद्ध शक्तिपीठ हैं 100 KM के दायरे में धर्म एक घंटा पहले 3
बेगूसराय, मुंगेर, खगड़िया और सहरसा के करीब 100 किमी के दायरे में स्थित जयमंगलागढ़, चंद्रिकास्थान, कात्यायनी स्थान और उग्रतारा स्थान धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र हैं, जहां गर्मियों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।

प्रदेश में गर्मी की छुट्टियां लगभग शुरू हो चुकी हैं और कई परिवार इस मौके पर धार्मिक स्थलों के दर्शन कर अपनी मन्नतें पूरी करने की योजना बना रहे हैं। अगर आप बेगूसराय, मुंगेर, खगड़िया या सहरसा जिले के निवासी हैं, तो आपके लिए एक खास खबर है। लगभग 100 किमी के दायरे में स्थित चार शक्तिपीठ धामों में जाकर आप भक्ति और पर्यटन दोनों का आनंद एक साथ ले सकते हैं। आस्था, इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़े ये शक्तिपीठ बिहार के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में गिने जाते हैं।

बेगूसराय का जयमंगलागढ़ मंदिर

बेगूसराय जिला मुख्यालय से 25 किमी की दूरी पर कावर झील क्षेत्र में स्थित जयमंगलागढ़ माता का मंदिर श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि यहां मां जयमंगला भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। झील के बीच बसा यह मंदिर धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है। छुट्टियों के दौरान यहां बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं।

मुंगेर का प्रसिद्ध चंद्रिकास्थान

जयमंगलागढ़ से आगे बढ़ने पर मुंगेर जिले में स्थित चंद्रिकास्थान शक्तिपीठ के दर्शन किए जा सकते हैं। यह स्थान बेगूसराय जिला मुख्यालय से भी 25 किमी की दूरी पर अवस्थित है, जबकि जयमंगलागढ़ से इसकी दूरी करीब 50 से 60 किमी है। मां चंडिका को समर्पित यह मंदिर प्राचीन धार्मिक स्थलों में शामिल है। नवरात्र और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, और मंदिर का ऐतिहासिक महत्व भी लोगों को आकर्षित करता है।

खगड़िया में मां कात्यायनी का धाम

मुंगेर के प्रसिद्ध चंद्रिकास्थान से खगड़िया जिले का कात्यायनी स्थान लगभग 30 किमी की दूरी पर है। यह स्थान भी बिहार के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहां मां कात्यायनी की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से इस स्थान को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

15 किलोमीटर के दायरे में उग्रतारा स्थान

खगड़िया की मां कात्यायनी से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर सहरसा जिले का प्रसिद्ध श्री उग्रतारा स्थान स्थित है। मां उग्रतारा का यह सिद्धपीठ तांत्रिक और वैदिक साधना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण यह स्थान मिथिला क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

एक दिन में पूरा हो सकता है धार्मिक टूर

धार्मिक पर्यटन के शौकीन लोगों के लिए जयमंगलागढ़, चंद्रिकास्थान, कात्यायनी स्थान और उग्रतारा स्थान की यात्रा एक यादगार अनुभव साबित हो सकती है। लगभग 100 किलोमीटर के दायरे में स्थित ये चारों शक्तिपीठ श्रद्धालुओं को एक साथ आस्था, संस्कृति और पर्यटन का अनूठा संगम प्रदान करते हैं। गर्मी की छुट्टियों में परिवार के साथ इन स्थलों के दर्शन कर भक्तिमय यात्रा का आनंद लिया जा सकता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!