चंद्रपुर में हैरान करने वाली लापरवाही: मां की गोद से गिरा 4 महीने का बच्चा, माता-पिता को 700 मीटर तक नहीं चला पता महाराष्ट्र 3 महीने पहले 124
महाराष्ट्र के चंद्रपुर में शराब के नशे में धुत माता-पिता की लापरवाही से एक चार महीने का मासूम चलते दोपहिया वाहन से गिर गया। राहगीरों की सतर्कता के चलते बच्चे की जान बचा ली गई।

गंभीर लापरवाही से बाल-बाल बची जान

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के भिसी थाना इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। एक छोटे से चार महीने के बच्चे के साथ हुई इस घटना ने सुरक्षा और जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, माता-पिता शराब के नशे में इस कदर चूर थे कि उनकी गोद से उनका ही बच्चा सड़क पर गिर गया और उन्हें करीब 700 मीटर तक इस बात का एहसास तक नहीं हुआ। समय रहते राहगीरों की नजर पड़ जाने से इस मासूम की जान बच गई, अन्यथा बड़ा अनर्थ हो सकता था।

घटना का विवरण

यह दर्दनाक वाकया भिसी बायपास मार्ग पर स्थित माउली ढाबा के पास पेश आया। बताया जा रहा है कि फूलचंद राउत और मीरा राउत अपनी बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। इस दौरान उनके साथ चार महीने का बेटा और ढाई साल की बेटी भी मौजूद थी। शराब के नशे में होने के कारण बाइक अनियंत्रित हो रही थी। इसी बीच, मां की गोद से चार महीने का बच्चा अचानक सड़क पर जा गिरा। हैरानी वाली बात यह रही कि माता-पिता को अपने बच्चे के गिरने का पता ही नहीं चला और वे बाइक चलाते रहे। वे लगभग 700 मीटर आगे तक चले गए, जिसके बाद उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर ही फिसल गई। इस दुर्घटना में पति-पत्नी और उनके साथ मौजूद ढाई साल की बच्ची भी गिर पड़े, लेकिन इतने के बाद भी उन्हें अपने छोटे बेटे के पीछे सड़क पर गिरने की जानकारी नहीं थी।

राहगीरों और पुलिस की तत्परता

जब वे माता-पिता अपने रास्ते पर आगे बढ़ रहे थे, तभी वहां से गुजरने वाले कुछ सतर्क राहगीरों की नजर सड़क पर अकेले पड़े मासूम पर पड़ी। उन्होंने बिना एक पल गंवाए घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही भिसी पुलिस स्टेशन के प्रभारी मंगेश भोंगडे, पुलिस उपनिरीक्षक रविंद्र वाघ और उनकी पूरी टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने बिना देर किए बच्चे को वहां से उठाया और उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे को मामूली चोटें आई हैं और अब वह सुरक्षित है।

शराब के नशे का बुरा परिणाम

शुरुआती जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि सड़क की खराब हालत और माता-पिता के अत्यधिक शराब के नशे में होने के कारण यह गंभीर लापरवाही हुई। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि शराब का नशा न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह मासूमों की जान के लिए भी सबसे बड़ा खतरा है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। राहगीरों की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस परिवार को एक बड़ी त्रासदी से बचा लिया।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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