FIFA World Cup 2026: हंगामे और तीन रेड कार्ड के बीच मैक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से रौंदा, पहले ही मैच में मचा बवाल खेल एक घंटा पहले 2
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज मेजबान मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच बेहद रोमांचक और विवादित मुकाबले से हुआ, जिसमें तीन रेड कार्ड दिखाए गए और मैक्सिको ने 2-0 से आसान जीत दर्ज की।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत एक ऐसे मुकाबले से हुई जिसमें रोमांच भी था और विवाद भी। मेजबान मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए इस मैच में तीन रेड कार्ड दिखाए गए और मैदान पर जमकर हंगामा हुआ। तमाम उठापटक के बीच मैक्सिको ने 2-0 की आसान जीत के साथ टूर्नामेंट का शानदार आगाज किया।

सोलह साल बाद फिर आमने-सामने

दिलचस्प बात यह रही कि मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका सोलह साल के बाद वर्ल्ड कप में एक-दूसरे से भिड़े। साल 2010 के टूर्नामेंट की शुरुआत भी इन्हीं दोनों टीमों के मुकाबले से हुई थी और 2026 के पहले मैच में दोनों देश एक बार फिर आमने-सामने आए। इस बार ऐतिहासिक एस्टाडियो अज़्टेका में 80,000 से ज्यादा जोशीले घरेलू दर्शकों के सामने खेलते हुए मैक्सिको ने कहानी अपने हक में मोड़ ली। मेजबान टीम ने दमदार प्रदर्शन किया, जबकि नौ खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हुई दक्षिण अफ्रीकी टीम पूरे मैच जूझती दिखी।

शुरुआत से ही मैक्सिको का दबदबा

मैच की शुरुआत से ही मैक्सिको ने खेल पर पूरी पकड़ बना ली। घरेलू टीम ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए दक्षिण अफ्रीका को लगातार दबाव में रखा। नौवें मिनट में ही जूलियन क्विनोनेस ने दक्षिण अफ्रीकी डिफेंस की चूक का फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ क्विनोनेस ने इतिहास रच दिया और वह वर्ल्ड कप के किसी भी संस्करण में पहला गोल दागने वाले उत्तरी अमेरिकी देश के खिलाड़ी बन गए।

पहले हाफ के बचे हुए समय में दक्षिण अफ्रीका के लिए अपने हाफ से बाहर निकल पाना लगभग नामुमकिन हो गया। टीम को पूरी तरह कप्तान और गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स के भरोसे रहना पड़ा। अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज की ताकतवर शॉट को विलियम्स ने एक हाथ से डाइव लगाकर रोका और अपनी टीम को बचा लिया। कुछ ही देर बाद मैक्सिको ने पेनल्टी बॉक्स में बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन गेंद पोस्ट से टकराकर बाहर निकल गई। हाफटाइम तक स्कोर 1-0 ही रहा।

दूसरे हाफ में बढ़ा रोमांच

दूसरे हाफ की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका ने वापसी की कोशिश की, मगर नाकाम रही। 50वें मिनट में राउल जिमेनेज ने ब्रायन गुटिएरेज को शानदार पास दिया। दक्षिण अफ्रीकी मिडफील्डर स्पेफेलो सिथोले ने गुटिएरेज को पेनल्टी एरिया के बाहर रोकने की कोशिश में फाउल कर दिया। रेफरी ने तुरंत रेड कार्ड दिखाया और इसका खामियाजा दक्षिण अफ्रीका को भुगतना पड़ा, क्योंकि अब टीम 10 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर रह गई।

66वें मिनट में मैक्सिको ने 17 साल के गिल्बर्टो मोरा को मैदान पर उतारा, जो वर्ल्ड कप खेलने वाले सबसे युवा मैक्सिकन खिलाड़ी बन गए। इसके ठीक एक मिनट बाद राउल जिमेनेज ने शानदार हेडर के जरिए गोलकीपर को छकाते हुए स्कोर 2-0 कर दिया।

पहले मैच में हंगामा और तीन रेड कार्ड

जैसे-जैसे मुकाबला आखिरी पलों की ओर बढ़ा, रोमांच और बढ़ता गया। 84वें मिनट में दक्षिण अफ्रीका के सब्स्टीट्यूट थेम्बा ज़्वाने को एक मैक्सिकन खिलाड़ी पर खतरनाक टैकल के लिए मैदान से बाहर भेज दिया गया। ड्रामा यहीं नहीं रुका। स्टॉपेज टाइम के तीसरे मिनट में मैक्सिकन डिफेंडर सीजर मोंटेस को भी सीधा रेड कार्ड दिखा दिया गया।

मैच के आखिरी क्षणों में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया, क्योंकि एक तरफ मैक्सिको 10 खिलाड़ियों के साथ था तो दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका सिर्फ 9 खिलाड़ियों से जूझ रहा था। तमाम हंगामे के बावजूद मैक्सिको ने सात मिनट का अतिरिक्त समय आसानी से निकाल लिया और जीत अपने नाम कर ली।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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