फीफा वर्ल्ड कप: रोनाल्डो की चमक पड़ी फीकी, ड्रॉ मुकाबले में डीआर कांगो ने रच डाला इतिहास खेल 2 दिन पहले 11
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-K मुकाबले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को डीआर कांगो ने 1-1 की बराबरी पर रोक दिया। साल 1974 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही कांगो की टीम ने टूर्नामेंट का अपना पहला गोल दागकर इतिहास रच दिया।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करने उतरी क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल टीम को डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 की बराबरी पर संतोष करना पड़ा। इस मुकाबले में रोनाल्डो का चिर-परिचित जादू पूरी तरह बेअसर रहा। ग्रुप-K के इस मैच में खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही पुर्तगाल को कमजोर समझी जा रही कांगो ने बराबरी पर रोक लिया।

जहां पुर्तगाल के लिए यह नतीजा एक बड़े झटके जैसा रहा, वहीं कांगो ने इस ड्रॉ के साथ फुटबॉल के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। साल 1974 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही कांगो की टीम ने टूर्नामेंट में अपना पहला गोल दागा।

शुरुआती बढ़त के बाद लड़खड़ाया पुर्तगाल

मुकाबले की शुरुआत में पुर्तगाल का पूरा दबदबा दिखा। ब्रूनो फर्नांडीस, जोआओ नेवेस, वितिन्हा और बर्नार्डो सिल्वा जैसे खिलाड़ियों से सजे मजबूत मिडफील्ड के बूते टीम ने आक्रामक अंदाज में आगाज किया। मैच के छठे (6वें) मिनट में ही पेड्रो नेटो के शानदार क्रॉस पर जोआओ नेवेस ने बेहतरीन हेडर लगाकर गोल किया और पुर्तगाल को 1-0 की बढ़त दिला दी।

विसा के हेडर से आया कांगो का ऐतिहासिक गोल

शुरुआती झटका झेलने के बाद भी डीआर कांगो ने हौसला नहीं खोया। योआने विसा और सेड्रिक बकम्बू की अगुवाई में कांगो की फॉरवर्ड लाइन ने पुर्तगाल के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया और हाफ-टाइम से ठीक पहले उसकी मेहनत रंग लाई।

एक कॉर्नर के बाद आए क्रॉस पर योआने विसा ने हेडर के जरिए पुर्तगाली गोलकीपर डिएगो कोस्टा को छकाते हुए गेंद नेट में पहुंचा दी। इस यादगार गोल के साथ ही कांगो के समर्थक जश्न में डूब गए और स्कोर 1-1 की बराबरी पर आ पहुंचा।

रोनाल्डो रहे नाकाम, समर्थकों को मिली मायूसी

इस गोल ने पुर्तगाल की लय को पूरी तरह बिगाड़ दिया और दूसरा हाफ बराबरी का रहा। दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में गिने जाने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो पूरे मुकाबले में जूझते नजर आए। दूसरे हाफ में उन्हें गोल करने के दो बेहतरीन मौके मिले, लेकिन दोनों ही बार वे चूक गए। मैच के आखिरी पलों यानी 90वें मिनट में ब्रूनो फर्नांडीस का एक लो-शॉट भी गोल पोस्ट के बाहर निकल गया।

पुर्तगाल को गंवाने पड़े दो अंक

कांगो के डिफेंडरों ने मैच के अंतिम मिनटों तक गजब का संयम दिखाते हुए पुर्तगाल के हर हमले को नाकाम कर दिया। इंजरी टाइम में पुर्तगाल ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, मगर कांगो की मजबूत दीवार को भेदने में नाकाम रहा। फाइनल व्हिसल बजते ही कांगो के खेमे में जीत जैसा जश्न शुरू हो गया।

खिताब की मजबूत दावेदार मानी जा रही पुर्तगाल के लिए यह नतीजा किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि पूरे मुकाबले में गेंद पर कब्जा रखने के बावजूद वह मौकों को गोल में नहीं बदल सकी और उसे 2 अंक गंवाने पड़े।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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