क्राइम
2 घंटे पहले
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डीग जिले के कामां थाना क्षेत्र के मुरार गांव में शुक्रवार को जमीन का एक पुराना विवाद अचानक हिंसक रूप में बदल गया। दो पक्षों के बीच लंबे समय से चली आ रही रंजिश उस समय खूनी टकराव में तब्दील हो गई, जब एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। चंद पलों में ही मौके पर चीख-पुकार का माहौल बन गया।
इस वारदात में सात महिला और पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद गांव में तनाव फैल गया और सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके के लिए रवाना हो गई। घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पांच घायलों की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें भरतपुर रेफर कर दिया गया।
जमीन के विवाद में चलीं गोलियां, गांव में हड़कंप
जानकारी के अनुसार कामां थाना क्षेत्र के मुरार गांव में जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ते-बढ़ते इतना गंभीर हो गया कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
फायरिंग में सात लोग घायल हुए, जिनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की और कई लोग निजी वाहनों से भी घायलों को लेकर अस्पताल पहुंचे।
पांच घायलों की हालत गंभीर, भरतपुर रेफर
अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का इलाज शुरू किया, लेकिन पांच लोगों की हालत गंभीर होने के कारण बेहतर उपचार के लिए उन्हें भरतपुर रेफर कर दिया गया। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय स्तर पर जारी है।
गोली लगने से घायल हुए लोगों के परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है। अस्पताल परिसर में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मौजूद रहे। डॉक्टर लगातार घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को लेकर परिवारों की बेचैनी बढ़ गई है।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही कामां थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालात को संभाला। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव में बने तनाव को देखते हुए पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है।
प्रारंभिक जानकारी में मामला जमीनी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। फिलहाल संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आखिर फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि मामला इस हद तक पहुंच जाएगा कि गोलियां चलने लगेंगी। मुरार गांव की इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि जमीन के पुराने विवाद किस तरह अचानक बड़े खूनी संघर्ष में बदल सकते हैं। फिलहाल पूरे इलाके की नजर घायलों की हालत और पुलिस जांच पर टिकी हुई है।
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