महाराष्ट्र के जलगांव में आदिवासी महिला के साथ दरिंदगी, नशीला पदार्थ खिलाकर गैंगरेप, FIR दर्ज क्राइम एक महीने पहले 62
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक 30 वर्षीय आदिवासी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात

महाराष्ट्र के जलगांव जिले के जामनेर तालुका स्थित सुकनाइक टांडा इलाके से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक 30 वर्षीय विवाहित आदिवासी महिला को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। पीड़िता, जो पेशे से एक कृषि मजदूर है, ने इस मामले में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है। फत्तेपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत 7 से 8 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।

नशीला पदार्थ खिलाकर गन्ने के खेत में ले गए आरोपी

प्राप्त जानकारी और एफआईआर (FIR) के विवरण के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता को खाने में नशीली चीज मिलाकर खिला दी थी। इसके बाद उसे सुनसान गन्ने के खेत में ले जाकर बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया गया। आरोप है कि अपराधियों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाने की धमकी दी और पीड़िता को डराया-धमकाया कि यदि उसने मुंह खोला तो वे इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। जब पीड़िता के पति ने मदद के लिए अपने समुदाय के लोगों और पुलिस को फोन करने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की।

पुलिस कर रही है फरार आरोपियों की तलाश

पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि करीब एक महीने पहले आरोपियों ने उसका दोपहिया वाहन पर अपहरण भी किया था। काफी हिम्मत जुटाने के बाद पीड़िता ने 16 जुलाई 2026 को पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। शिकायत के अनुसार, एक संदिग्ध ने बंदूक के दम पर उसे धमकाते हुए यौन शोषण किया, जबकि बाकी आरोपी आसपास पहरा दे रहे थे और वीडियो बनाने की धमकी दे रहे थे। पुलिस ने जिन आरोपियों की पहचान की है, उनमें रामेश्वर गणपत राठौड़, सूरज भीमसिंह राठौड़, पवन छगन राठौड़ और भारमल कृपाल साबले शामिल हैं। इनके अलावा 3 से 4 अन्य अज्ञात लोग भी शामिल हैं, जिनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।

पुलिस प्रशासन पर लगे लापरवाही के आरोप

इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने पीड़ित के पति की सूचना पर पुलिस इंस्पेक्टर (PI) और डीवाईएसपी (DySP) को फोन किया, तो उनके कॉल काट दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे सुबह थाने पहुंचे, तो पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया और बिजली न होने का बहाना बनाया। हालांकि, सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर बापू रोहम ने मामले पर बयान देते हुए कहा है कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, जिसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पूर्व ओडिशा के सुंदरगढ़ में भी एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की घटना ने देशभर को झकझोर कर रख दिया था, जिसमें लड़की के घर से बाहर निकलने के दौरान उसे अगवा कर लिया गया था।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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