उत्तर प्रदेश
2 घंटे पहले
4
विचारों
87 लोगों पर केस दर्ज
उत्तर प्रदेश की फर्रुखाबाद लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद मुकेश राजपूत कानूनी विवाद में घिर गए हैं। कासगंज जिले के सहावर पुलिस थाने में सांसद और उनके करीब 87 सहयोगियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में कुल 37 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 50 अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। इन सभी पर दंगा फैलाने, मारपीट करने, डकैती करने और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
विवाद की जड़ और घटनाक्रम
यह पूरा मामला 7 सितंबर, 2025 को हुई एक घटना से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह संपत्ति विवाद सांसद मुकेश राजपूत के परिवार से संबंधित है। आरोप है कि सांसद ने अपने रसूख का लाभ उठाते हुए अपनी बहन रीना के ससुराल पक्ष के घर और दुकान को निशाना बनाया। शिकायतकर्ता रवींद्र, जो सांसद के जीजा बताए जा रहे हैं, का आरोप है कि उन्हें उनके ही आवास से बाहर निकाल दिया गया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि सांसद ने अपने सुरक्षा गार्डों और समर्थकों के साथ मिलकर जबरन संपत्ति पर कब्जा किया और वहां लूटपाट को अंजाम दिया।
न्यायालय के निर्देश पर पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के तुरंत बाद जब वे न्याय के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन के पास पहुंचे, तो उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर उन्होंने कानूनी राहत पाने के लिए MP-MLA कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत में मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई हुई और अंततः कोर्ट ने पुलिस को तुरंत मुकदमा दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए। इसी आदेश का पालन करते हुए सहावर पुलिस ने कार्रवाई की है।
जांच के घेरे में सांसद
इस पूरे घटनाक्रम पर कासगंज के पुलिस अधीक्षक ए पी सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच जारी है और इस दौरान जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून सम्मत अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इसमें सांसद के परिवार के सदस्यों की सक्रिय भूमिका होने का भी दावा किया जा रहा है।
Comments
0 comment