फीफा वर्ल्ड कप: फ्रांस की जीत के बाद लंदन में बवाल, उपद्रवियों के हमले में पुलिस अधिकारी जख्मी विश्व एक महीने पहले 85
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस द्वारा मोरक्को को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश करने के बाद लंदन की सड़कों पर हिंसा भड़क गई। पेरिस में जहां जश्न का माहौल रहा, वहीं लंदन में उपद्रवियों के हंगामे के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

लंदन की सड़कों पर फुटबॉल फैंस का हंगामा

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक मुकाबले में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से मात देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। फ्रांस की इस ऐतिहासिक जीत के बाद जहां पेरिस की सड़कों पर फैंस का उत्साह देखते ही बन रहा था, वहीं ब्रिटेन की राजधानी लंदन में स्थिति पूरी तरह विपरीत रही। फ्रांस की जीत के बाद लंदन में फुटबॉल प्रेमियों की भीड़ ने सड़क पर भारी बवाल काटा, जिससे शांति व्यवस्था भंग हो गई और हालात बेकाबू होते नजर आए।

उपद्रवियों के हमले में पुलिसकर्मी घायल

द सन की एक रिपोर्ट के अनुसार, सेमीफाइनल में फ्रांस के पहुंचने की खुशी जैसे ही विरोध और हिंसा में बदली, वेस्टर्न लंदन में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान हुई झड़प में एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया। उपद्रवियों द्वारा किए गए हमले में चोटिल हुए इस पुलिस अधिकारी को तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां उसका इलाज किया गया।

एडगवेयर रोड पर दिखी पुलिस की सख्ती

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दृश्यों में साफ देखा जा सकता है कि एडगवेयर रोड पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कितनी मशक्कत करनी पड़ी। कई वीडियो में पुलिसकर्मी भीड़ को खदेड़ने और हालात संभालने की कोशिश करते नजर आए। एक अन्य वीडियो में सड़क पर घायल अवस्था में लेटा हुआ पुलिस अधिकारी दिखाई दे रहा है, जहां मेडिकल टीम उसकी मदद कर रही है। वहीं, अन्य सुरक्षाकर्मी ढालों के साथ कतारबद्ध होकर उपद्रवियों की ओर बढ़ते हुए कानून-व्यवस्था को बहाल करने का प्रयास कर रहे थे।

पेरिस में रही शांति, सुरक्षा इंतजाम थे पुख्ता

मैच से पूर्व यह कयास लगाए जा रहे थे कि मोरक्को और फ्रांस के बीच मुकाबले के बाद पेरिस में हिंसा भड़क सकती है, क्योंकि मोरक्को कभी फ्रांस का उपनिवेश रहा है। हालांकि, पेरिस में पूरी तरह शांति बनी रही और फैंस खुशी-खुशी अपनी टीम की जीत का जश्न मनाते दिखे। फ्रांस में सुरक्षा के लिए 20 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, जिनमें से केवल पेरिस में 8 हजार सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। सुरक्षा एजेंसियों को डर था कि मई में पेरिस सेंट-जर्मेन की जीत के बाद हुई घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है, लेकिन इस बार वहां का माहौल पूरी तरह खुशनुमा रहा।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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