शाहजहांपुर के किसानों के लिए खुशखबरी: बागवानी और आधुनिक खेती पर मिलेगा लाखों का अनुदान भारत 2 घंटे पहले 2
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत फलदार पौधों, ड्रैगन फ्रूट और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दी जा रही है।

किसानों की आय बढ़ाने की अनूठी पहल

शाहजहांपुर जिले के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और उन्हें पारंपरिक खेती से आधुनिक व्यावसायिक बागवानी की ओर ले जाने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य किसानों को महंगी और विदेशी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। उद्यान विभाग की ओर से इस योजना के अंतर्गत न केवल फलदार बागों के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है, बल्कि कृषि में नई मशीनों और तकनीकों के इस्तेमाल पर भी बड़ा अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के लाभ लेने के लिए पहले आओ, पहले पाओ की नीति अपनाई गई है, जिससे तत्परता दिखाने वाले किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।

फलदार बागों और ड्रैगन फ्रूट पर भारी सब्सिडी

जिला उद्यान अधिकारी डॉक्टर पुनीत कुमार पाठक ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जिले में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा बड़ी धनराशि खर्च की जा रही है। आम, अमरूद और पपीता जैसे फलदार वृक्षों के नए बाग स्थापित करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा, जो दो किश्तों में उनके बैंक खातों में स्थानांतरित होगा। इसके अतिरिक्त, वर्तमान समय में अत्यधिक मांग वाली फसल ड्रैगन फ्रूट की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। ड्रैगन फ्रूट की खेती करने वाले किसान को प्रति हेक्टेयर 2 लाख 70 हजार रुपये तक की सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। यह पहल किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि करने में सहायक सिद्ध होगी।

निशुल्क बीज और मसाला खेती को बढ़ावा

बागवानी के साथ-साथ सब्जी और मसाला उत्पादन को गति देने के लिए भी विभाग पूरी तरह सक्रिय है। संकर शाक-भाजी कार्यक्रम के तहत किसानों को सब्जियों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज पूरी तरह से निशुल्क वितरित किए जा रहे हैं। साथ ही, फसल की कटाई के बाद सुरक्षा के लिए किसानों को प्लास्टिक क्रेट भी प्रदान किए जा रहे हैं। यदि बात मसाला खेती की करें, तो प्याज और लहसुन के बीज भी किसानों को मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कद्दूवर्गीय सब्जियों की पैदावार को बेहतर बनाने के लिए मचान विधि से खेती करने वाले किसानों के लिए 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के अनुदान की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, औषधीय फसलों के प्रति रुचि रखने वाले किसानों को शतावर की पौध भी मुहैया कराई जाएगी।

आधुनिक कृषि उपकरण और मशरूम उत्पादन पर सहायता

खेती को आधुनिक और सुगम बनाने के लिए उद्यान विभाग कृषि यंत्रीकरण पर जोर दे रहा है। किसान अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार पावर टिलर, स्प्रेयर और मिनी ट्रैक्टर जैसी मशीनें खरीद सकते हैं, जिन पर सरकार की ओर से अनुदान की सुविधा उपलब्ध है। फलों की गुणवत्ता बनाए रखने और उन्हें बाहरी नुकसान से बचाने के लिए किसानों को फ्रूट बैग निशुल्क दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही, मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लो-कॉस्ट प्रोडक्शन यूनिट की स्थापना हेतु आर्थिक मदद दी जा रही है। फसलों की नमी सुरक्षित रखने के लिए प्लास्टिक मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर भी विभाग द्वारा विशेष सहायता दी जा रही है।

योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी प्रक्रिया

जिला उद्यान अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पहले आओ, पहले पाओ का सिद्धांत लागू किया गया है। जो भी किसान इस सरकारी अनुदान का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें बिना देरी किए अपने नजदीकी उद्यान विभाग कार्यालय में संपर्क करना होगा। आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं:

  • किसान का आधार कार्ड।
  • बैंक खाते की पासबुक।
  • भूमि से संबंधित वैध दस्तावेज या खतौनी।
  • दो पासपोर्ट साइज फोटो।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपने दस्तावेज जमा करें ताकि उन्हें सरकारी सहायता का पूरा लाभ समय रहते प्राप्त हो सके।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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