प्रॉपर्टी खरीदने से पहले रखें ये सावधानियां, वरना धोखाधड़ी में डूब सकती है जीवनभर की कमाई हरियाणा एक महीने पहले 18
फरीदाबाद में अवैध कॉलोनियों और कब्जों पर बुलडोजर कार्रवाई के बीच विशेषज्ञ बता रहे हैं कि प्लॉट या मकान खरीदते समय रेरा रजिस्ट्रेशन, सीएलयू और सरकारी मंजूरी जैसे दस्तावेजों की जांच क्यों जरूरी है। थोड़ी सी सतर्कता आपकी गाढ़ी कमाई और अपने घर के सपने को फ्रॉड से बचा सकती है।

अपना एक घर होना हर इंसान की सबसे बड़ी ख्वाहिश होती है। आम परिवार वर्षों तक बचत करता है, जरूरतों में कटौती करता है और तब कहीं जाकर एक प्लॉट या मकान खरीदने की हिम्मत जुटा पाता है। लेकिन यही सपना कई बार कुछ शातिर लोगों की चालाकी के कारण कड़वे अनुभव में बदल जाता है। सस्ते प्लॉट और आसान किस्तों का लालच लोगों को ऐसे जाल में फंसा देता है, जहां उनकी मेहनत की कमाई दांव पर लग जाती है।

फरीदाबाद में इन दिनों अवैध कॉलोनियों और कब्जों पर लगातार बुलडोजर चल रहा है। ऐसे माहौल में यह जानना बेहद जरूरी है कि घर या जमीन खरीदते वक्त किन बातों का ध्यान रखा जाए, ताकि आप ठगी का शिकार होने से बच सकें।

सस्ते प्लॉट का लालच बनता है फ्रॉड की वजह

प्रॉपर्टी डीलर विजय मलिक के अनुसार, आज सबसे ज्यादा लोग सस्ते प्लॉट के चक्कर में धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। एक सामान्य परिवार पाई-पाई जोड़कर अपने घर का सपना पूरा करना चाहता है, मगर सरकारी मंजूरी वाले प्रोजेक्ट की कीमतें अक्सर उसकी पहुंच से बाहर रहती हैं। ऐसे में लोग स्थानीय स्तर पर जमीन बेचने वालों के संपर्क में आ जाते हैं, जो कम दाम और आसान किस्तों का झांसा देकर प्लॉट थमा देते हैं। बाद में पता चलता है कि वह जमीन तो अप्रूव्ड ही नहीं थी।

बिना मंजूरी वाली कॉलोनियों में बड़ा जोखिम

विजय मलिक बताते हैं कि कई कच्ची कॉलोनियां बिना किसी वैध अनुमति के काट दी जाती हैं। इन कॉलोनियों के पास न तो सीएलयू होता है, न आवासीय मंजूरी और न ही दूसरे जरूरी सरकारी दस्तावेज। इसके बावजूद लोगों को धड़ल्ले से प्लॉट बेच दिए जाते हैं और लोग इसी भरोसे में अपनी जमा पूंजी लगा बैठते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है।

उनका कहना है कि फरीदाबाद में नगर निगम और प्रशासन जिस तरह बुलडोजर कार्रवाई कर रहे हैं, उससे साफ है कि सरकारी एजेंसियों को अपनी जमीनों की पूरी जानकारी रहती है। कई बार लोग सरकारी या निगम की जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनी काट देते हैं और यह कहकर प्लॉट बेचते हैं कि यहां जल्द ही सारी सुविधाएं मिल जाएंगी। सड़क, बिजली, पानी और विकास कार्यों के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, पर बाद में खरीदार मुश्किल में फंस जाता है।

बिल्डर की पहचान जरूर परखें

विजय मलिक सलाह देते हैं कि किसी भी प्रॉपर्टी में पैसा लगाने से पहले यह जरूर देखें कि डीलर किस बिल्डर के साथ काम कर रहा है और जिस प्रोजेक्ट में आप निवेश करने जा रहे हैं, बाजार में उसकी क्या साख है। इसके साथ ही रेरा पंजीकरण, एलओआई और अन्य जरूरी कागजातों की जांच जरूर करें। कोई भी बड़ा और वैध बिल्डर प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले सभी कानूनी मंजूरियां पूरी कर लेता है।

मौखिक भरोसे पर न करें निवेश

उनके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति किसी नई कट रही कॉलोनी में जल्दी प्लॉट खरीदने का दबाव बना रहा हो और सिर्फ जुबानी आश्वासन दे रहा हो, तो सतर्क हो जाना चाहिए। आमतौर पर वैध रिहायशी प्रोजेक्ट में बिल्डर का नाम, परियोजना की जानकारी और सरकारी मंजूरियों का पूरा ब्योरा उपलब्ध रहता है। इन्हें अच्छी तरह देखने-परखने के बाद ही निवेश का फैसला करना चाहिए।

दस्तावेजों की पूरी पड़ताल है जरूरी

विजय मलिक कहते हैं कि घर खरीदना जिंदगी का बहुत बड़ा फैसला होता है। ऐसे में जल्दबाजी, सस्ते दाम का लालच और बिना जांच-पड़ताल किया गया निवेश भारी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए प्रॉपर्टी खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों की जांच करें और भरोसेमंद डीलर तथा वैध प्रोजेक्ट का ही चयन करें। थोड़ी सी सावधानी आपकी वर्षों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है और अपने घर के सपने को टूटने से बचा सकती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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