पटना जंक्शन से गिरफ्तार हुआ फर्जी दरोगा, वर्दी की फोटो दिखाकर यात्रियों से करता था ठगी, पत्नी को भी 8 साल से रखा धोखे में बिहार 2 महीने पहले 74
पटना जंक्शन से GRP पुलिस ने एक ऐसे फर्जी दरोगा को गिरफ्तार किया है जो वंदे भारत ट्रेन के यात्रियों को निशाना बनाता था और जिसने अपनी पत्नी को भी सालों तक अंधेरे में रखा।

बिहार की राजधानी पटना के पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर 4 जुलाई 2026, शनिवार को GRP पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जीआरपी पुलिस ने पटना जंक्शन से एक शातिर फर्जी दरोगा को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी नकली पहचान पत्र और पुलिस की वर्दी में अपनी तस्वीरों का इस्तेमाल करके रेल यात्रियों को अपना शिकार बनाता था। गिरफ्तार किए गए इस फर्जी दरोगा का नाम रंजन कुमार है, जो मूल रूप से बिहार के जहानाबाद कोर्ट के समीप का निवासी है। रंजन कुमार सीधे-सादे रेल यात्रियों को अपनी फर्जी आईडी और पुलिस की वर्दी वाली तस्वीरें दिखाकर बड़ी आसानी से विश्वास में ले लेता था और फिर उनका कीमती सामान चोरी करके वहां से रफूचक्कर हो जाता था। पुलिस काफी लंबे समय से इस जालसाज की तलाश कर रही थी, और अब जाकर उसे सलाखों के पीछे भेजने में सफलता मिली है।

वंदे भारत एक्सप्रेस में वारदात को देता था अंजाम

यह शातिर फर्जी दरोगा विशेष रूप से देश की अत्याधुनिक ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था। वह इस ट्रेन में चढ़ जाता था और यात्रियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, सोने-चांदी के गहने समेत अन्य महंगे सामानों को चुराकर बेहद आराम से फरार हो जाता था। सफर के दौरान यदि किसी यात्री को उसकी संदिग्ध हरकतों या हाव-भाव पर थोड़ा भी संदेह होता था, तो वह तुरंत अपनी फर्जी आईडी दिखाकर पुलिसिया धौंस जमाता था। खाकी वर्दी का रौब देखकर यात्री भी सहम जाते थे और उसकी बातों में आ जाते थे। रेलवे पुलिस को इस शातिर अपराधी के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन वह हर बार चकमा देकर भागने में सफल हो जाता था। हाल ही में एक पीड़ित यात्री ने पुलिस को इस फर्जी दरोगा के हुलिए के बारे में सटीक जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी खोजबीन तेज कर दी थी।

प्लेटफॉर्म नंबर एक पर घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी

पुलिस की विशेष टीमें लगातार इस फर्जी दरोगा की धरपकड़ के लिए रेलवे स्टेशनों पर निगरानी रख रही थीं। इसी बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि ठीक उसी हुलिए का एक संदिग्ध व्यक्ति वंदे भारत ट्रेन से उतरकर पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना पल गंवाए त्वरित कार्रवाई की और मौके पर पहुंचकर उस संदिग्ध को चारों तरफ से घेरकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने रंजन कुमार के मोबाइल फोन की जांच की, तो उसमें पुलिस की वर्दी पहने उसकी कई तस्वीरें मिलीं, जिनका इस्तेमाल वह लोगों को प्रभावित करने के लिए करता था। फिलहाल पुलिस आरोपी को हिरासत में रखकर आगे की पूछताछ कर रही है।

8 साल तक पत्नी को भी रखा अंधेरे में

इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि रंजन कुमार के इस काले कारनामे के बारे में अब तक उसके अपने परिवार वालों को भी भनक नहीं थी। आश्चर्य की बात यह है कि उसकी अपनी पत्नी भी पिछले 8 साल से इसी मुगालते में जी रही थी कि उसका पति पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर कार्यरत है। पूछताछ के दौरान आरोपी फर्जी दरोगा ने खुलासा किया कि उसकी शादी साल 2018 में नालंदा जिले के इस्लामपुर क्षेत्र में हुई थी। इसके बाद साल 2019 में उसने दरोगा भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन वह इस परीक्षा को पास करने में असफल रहा था।

अपनी इस विफलता को छिपाने के लिए उसने अपने ससुराल वालों और माता-पिता से झूठ बोल दिया कि उसकी पुलिस विभाग में दरोगा के रूप में नौकरी लग गई है और उसकी पोस्टिंग गया जिले में हुई है। अपने इस झूठ को सच दिखाने के लिए उसने कहीं से पुलिस की वर्दी का इंतजाम किया और उसमें अपनी तस्वीरें खिंचवाकर अपने परिवार और ससुराल वालों को भेज दीं। तभी से वह समाज में इसी फर्जी पहचान के साथ शान से घूम रहा था और इसी की आड़ में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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