राजस्थान
एक घंटा पहले
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जयपुर: राजस्थान के पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर इस बात का कोई प्रमाण मौजूद है कि उन्होंने राज्य में 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान 10 करोड़ रुपये लिए थे, तो गहलोत उनका नार्को टेस्ट करवा लें। मीणा ने साफ कहा कि वह इस जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
गहलोत खेमे का मीणा पर आरोप
अशोक गहलोत खेमे की ओर से लगातार यह आरोप लगाया जाता रहा है कि कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले कुछ विधायकों ने सरकार गिराने के सौदे के तहत 10 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि ली थी। इस पर पलटवार करते हुए मीणा ने कहा कि जब भी कांग्रेस को राजनीतिक बढ़त मिलती दिखाई देती है, तभी इस तरह के आरोप बार-बार दोहराए जाते हैं।
किसान सम्मेलन में दी चुनौती
करौली में आयोजित एक किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए रमेश मीणा ने अपनी बात रखी।
"मैं आपको (गहलोत) चुनौती देता हूं कि मेरा नार्को टेस्ट करवाकर दिखाओ कि मैंने 10 करोड़ रुपये लिए हैं या नहीं। साथ ही आपका भी नार्को टेस्ट होना चाहिए, ताकि यह सामने आ सके कि आपने निर्दलीय, बीटीपी और बीजेपी के विधायकों को कितने पैसे दिए। हमारे पास दस्तावेज भी मौजूद हैं।"
मीणा ने दोहराया कि जब-जब कांग्रेस को राजनीतिक जमीन मजबूत होती दिखती थी, तब-तब इसी तरह के आरोप उछाले जाते थे।
गहलोत के नेतृत्व पर सवाल
रमेश मीणा ने कहा कि अशोक गहलोत को तीन बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन उनके नेतृत्व में कांग्रेस को चुनावी झटके झेलने पड़े। उन्होंने राहुल गांधी से भी अपील की कि वे अपने सलाहकारों का सही आकलन करें और इसके बजाय पार्टी के ईमानदार कार्यकर्ताओं पर भरोसा करें।
2020 की बगावत और पायलट गुट
उल्लेखनीय है कि साल 2020 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके खेमे के कई विधायकों ने अशोक गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिससे राज्य में राजनीतिक संकट खड़ा हो गया था। पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार इस संकट को सुलझाया जा सका था। इस बगावत के चलते पायलट को उपमुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था। उस समय गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले विधायकों में रमेश मीणा भी शामिल थे। गहलोत खेमे का आरोप है कि सचिन पायलट गुट से जुड़े रमेश मीणा ने सरकार को अस्थिर करने के लिए कथित रूप से 10 करोड़ रुपये अग्रिम में लिए थे।
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