क्रिकेट
एक घंटा पहले
3
विचारों
क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड के एक युवा बल्लेबाज ने वह कारनामा कर दिखाया, जो पिछले 22 सालों में कोई इंग्लिश ओपनर नहीं कर पाया था। न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रहे कड़े मुकाबले में युवा सनसनी एमिलियो गे ने अपने टेस्ट डेब्यू पर ही इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
लॉर्ड्स की चुनौतीपूर्ण पिच और कीवी गेंदबाजों के खतरनाक स्विंग का सामना करते हुए एमिलियो ने न केवल जबरदस्त धैर्य दिखाया, बल्कि एक ऐसा यादगार अर्धशतक भी जड़ा, जिसने उन्हें इंग्लैंड के दिग्गज एंड्रयू स्ट्रॉस के एलीट क्लब में पहुंचा दिया।
22 साल बाद दोहराया गया इतिहास
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरी पारी में पारी की शुरुआत करने उतरे एमिलियो गे ने 95 गेंदों में 57 रनों की बेहद संयमित और धैर्यपूर्ण पारी खेली। इस पारी की बदौलत उन्होंने दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।
एमिलियो साल 2004 के बाद इंग्लैंड के ऐसे पहले ओपनर बन गए हैं, जिन्होंने घरेलू मैदान पर अपने टेस्ट डेब्यू में अर्धशतक या उससे बड़ी पारी खेली हो। उनसे पहले 2004 में महान बल्लेबाज एंड्रयू स्ट्रॉस ने लॉर्ड्स के इसी मैदान पर न्यूजीलैंड के विरुद्ध डेब्यू करते हुए 112 रनों की शतकीय पारी खेली थी।
8 साल बाद चमका कोई इंग्लिश ओपनर
अगर ओवरऑल (घरेलू और विदेशी, दोनों) रिकॉर्ड की बात करें, तो साल 2016 के बाद डेब्यू पर पचास का आंकड़ा छूने वाले एमिलियो पहले इंग्लिश ओपनर हैं। उनसे पहले कीटन जेनिंग्स ने 2016 में भारत के खिलाफ मुंबई में अपने डेब्यू मुकाबले में यह उपलब्धि हासिल की थी।
मुश्किल हालात में दिखाई बेहतरीन तकनीक
लॉर्ड्स के मैदान पर न्यूजीलैंड का तेज आक्रमण लगातार मूवमेंट और बाउंस हासिल कर रहा था। मैट हेनरी, काइल जैमीसन, विलियम ओ'रूर्के और नाथन स्मिथ जैसे खतरनाक गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड की टीम शुरुआती दबाव में थी। ऐसी कठिन परिस्थितियों में एमिलियो ने शानदार तकनीक और टेम्परामेंट का परिचय दिया।
उन्होंने अपनी पारी में 8 खूबसूरत चौके लगाए और नई गेंद का बखूबी सामना किया। जब एक छोर से इंग्लैंड के विकेट गिर रहे थे, तब एमिलियो क्रीज पर मजबूती से डटे रहे और मैच पर मेजबान टीम का नियंत्रण बनाए रखा।
इंग्लैंड को दिया मजबूत आधार
एमिलियो गे ने दूसरी पारी में बेन डकेट के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 52 रनों की ठोस साझेदारी निभाई, जिसने इंग्लैंड को मजबूत नींव दी। इसके बाद उन्होंने जैकब बेथेल के साथ भी एक अहम पार्टनरशिप की।
हालांकि उनकी इस शानदार पारी का अंत तब हुआ, जब नाथन स्मिथ की एक गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल के दस्तानों में समा गई। एमिलियो की इस पारी की बदौलत इंग्लैंड ने कीवी टीम के सामने जीत के लिए 254 रनों का लक्ष्य रखा।
Comments
0 comment