बॉलीवुड में बनाना है करियर तो रांची में करें फिल्म मेकिंग कोर्स, मात्र ₹10000 में मिल रही ट्रेनिंग करियर 3 घंटे पहले 2
अगर आप फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारना चाहते हैं तो रांची के कई प्रमुख शिक्षण संस्थान शानदार विकल्प पेश कर रहे हैं। यहां शॉर्ट फिल्म और डॉक्यूमेंट्री बनाने के कोर्सेज बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध हैं।

फिल्म मेकिंग में करियर के नए रास्ते

आजकल के युवाओं का रुझान तेजी से फिल्म निर्माण, शॉर्ट फिल्म और डॉक्यूमेंट्री मेकिंग की ओर बढ़ा है। फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए झारखंड की राजधानी रांची में शिक्षा के बेहतरीन अवसर मौजूद हैं। रांची के कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शॉर्ट फिल्म और डॉक्यूमेंट्री मेकिंग जैसे रचनात्मक कोर्सेज संचालित किए जा रहे हैं, जो छात्रों को बॉलीवुड, क्षेत्रीय सिनेमा और सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए तैयार करते हैं।

रांची विश्वविद्यालय और अन्य कॉलेज के विकल्प

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, रांची में ऐसे कई संस्थान हैं जहां से आप फिल्म निर्माण की बारीकियां सीख सकते हैं। इनमें रांची विश्वविद्यालय के कॉलेज विशेष रूप से चर्चा में रहते हैं। यहां से आप 1 साल का कोर्स कर सकते हैं, जिसकी 6 महीने की फीस महज ₹10,000 रखी गई है। यह उन छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो कम बजट में प्रोफेशनल ट्रेनिंग चाहते हैं। इसके अलावा गोसनर कॉलेज और संत ज़ेवियर कॉलेज में भी फिल्म मेकिंग से जुड़े कोर्सेज कराए जाते हैं।

संत ज़ेवियर कॉलेज में मास कम्युनिकेशन

यदि आप संत ज़ेवियर कॉलेज से फिल्म निर्माण की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके पास किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। यहां मास कम्युनिकेशन के जरिए डॉक्यूमेंट्री बनाने की कला सिखाई जाती है और शॉर्ट फिल्म निर्माण पर आधारित विशेष कक्षाएं भी आयोजित होती हैं। हालांकि, यहां की फीस संरचना अन्य संस्थानों की तुलना में थोड़ी अधिक है, जहाँ आपको सालाना लगभग लाख रुपये का शुल्क देना पड़ सकता है। यहाँ की पढ़ाई का स्तर काफी पेशेवर है जो छात्रों को उद्योग के लिए तैयार करता है।

मारवाड़ी कॉलेज में कम बजट में पढ़ाई

अगर बजट एक बाधा है, तो मारवाड़ी कॉलेज छात्रों के लिए एक बेहतरीन केंद्र बनकर उभरा है। यहां मास कम्युनिकेशन विभाग में शॉर्ट फिल्म मेकिंग का पाठ्यक्रम शामिल है। कॉलेज के प्रोफेसर राजीव के अनुसार, यहां की फीस काफी किफायती है, जो साल भर में करीब ₹30,000 तक होती है। इस कॉलेज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल काम पर काफी अधिक जोर दिया जाता है। छात्रों को डॉक्यूमेंट्री बनाना सिखाया जाता है, जिसे वे अपने पोर्टफोलियो का हिस्सा बना सकते हैं। यह पोर्टफोलियो बाद में नौकरी हासिल करने या प्रोजेक्ट्स पाने में बहुत मददगार साबित होता है।

बीआईटी कॉलेज और भविष्य की तकनीक

वहीँ दूसरी ओर, अगर आप फिल्म मेकिंग में एनीमेशन, 3D और AI जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो बीआईटी कॉलेज सबसे उपयुक्त स्थान है। मौजूदा दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महत्व काफी बढ़ गया है, जिसे ध्यान में रखकर यहां कोर्सेज को डिजाइन किया गया है। यहाँ 3 साल के कोर्स की फीस लगभग 5 से 6 लाख रुपये है।

शानदार प्लेसमेंट के अवसर

बीआईटी कॉलेज की सबसे बड़ी विशेषता वहां मिलने वाला प्लेसमेंट है। कॉलेज के पीआरओ मुकुल ने जानकारी दी कि यहां पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों के लिए बड़ी कंपनियों के दरवाजे खुल जाते हैं। प्राइम फोकस, कॉसमॉस और टीवी सीरीज जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां प्लेसमेंट के लिए यहां आती हैं। यहां से प्रशिक्षित होने के बाद छात्र सीधा मुंबई का रुख करते हैं और फिल्म उद्योग में अपने कौशल के दम पर काम शुरू करते हैं। यदि आपके पास हुनर है, तो करियर को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। सरकारी और निजी दोनों ही क्षेत्रों में इस तरह के टैलेंट की भारी मांग बनी हुई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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