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एक घंटा पहले
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परीक्षा में दिखा कठिन सवालों का असर
उत्तर प्रदेश में 30 जनवरी को UPPET परीक्षा के दूसरे दिन का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले छात्रों के चेहरों पर जहां राहत थी, वहीं उनके मन में पेपर के स्तर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखी गईं। परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार के प्रश्न पत्र में चीन और बांग्लादेश जैसे अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़े सवाल पूछे गए थे, जिन्होंने छात्रों का सिर चकरा दिया। परीक्षा देने वाले युवाओं का मानना है कि सामान्य ज्ञान (GK) और सामान्य अध्ययन (GS) के खंड पिछले वर्षों की तुलना में थोड़े चुनौतीपूर्ण रहे।
छात्रों की राय: उम्मीद से अधिक रहे कठिन प्रश्न
मिर्जापुर जिले के परीक्षा केंद्रों पर पहली पाली की परीक्षा देने के बाद छात्रों ने खुलकर अपनी बात रखी। अधिकांश छात्रों का यह कहना था कि पेपर न तो बहुत सरल था और न ही बहुत कठिन, इसे 'ईजी टू मॉडरेट' यानी आसान से मध्यम स्तर की श्रेणी में रखा जा सकता है। हालांकि, करंट अफेयर्स के सवालों ने परीक्षार्थियों को काफी सोचने पर मजबूर किया।
आशुतोष कुमार नामक एक परीक्षार्थी ने बताया कि जीके के सेक्शन में कुछ सवाल वाकई परेशान करने वाले थे। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने विषयवार और क्रमबद्ध तरीके से अपनी तैयारी की होगी, उन्हें ही बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। वहीं, अवधेश कुमार का कहना था कि पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार करंट अफेयर्स का प्रभाव अधिक था, जिस कारण परीक्षा थोड़ी कठिन महसूस हुई। बाकी विषय उम्मीद के अनुरूप ही थे और किसी भी छात्र को अन्य वर्गों में कोई खास परेशानी नहीं हुई।
तैयारी का दिखा असर
परीक्षा में शामिल होने वाली दीपांशी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पहले से ही परीक्षा की रूपरेखा के अनुसार तैयारी कर रखी थी। उन्होंने कहा कि जो सवाल अनुमानित थे, उन्हीं के बारे में पूछा गया था, जिससे उन्हें कोई बड़ी कठिनाई नहीं हुई। हालांकि, उन्होंने भी माना कि करंट अफेयर्स के प्रश्न थोड़े कम थे लेकिन वे कठिन जरूर थे।
प्रिंस कुमार का मत थोड़ा अलग था। उन्होंने कहा कि परीक्षा में लगभग वही सवाल आए जो उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान तैयार किए थे। प्रिंस के अनुसार, जिन्होंने अपनी तैयारी में कमी छोड़ी होगी या जो पहली बार परीक्षा में शामिल हुए हैं, केवल उन्हीं के लिए यह पेपर चुनौतीपूर्ण रहा होगा। अच्छी तैयारी करने वाले छात्रों के लिए इस बार सफलता पाना आसान नजर आ रहा है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, UPPET परीक्षा के इस चरण में अंतरराष्ट्रीय स्तर के घटनाक्रम और सामान्य ज्ञान पर ज्यादा जोर दिया गया। छात्रों की प्रतिक्रियाओं से यह स्पष्ट है कि परीक्षा का स्तर उन लोगों के लिए ही अनुकूल रहा जिन्होंने निरंतर अभ्यास किया था। अब सभी छात्रों को आधिकारिक उत्तर कुंजी और परिणाम का इंतजार है, जिससे यह साफ हो पाएगा कि इस बार मेरिट का ग्राफ कहां तक पहुंचता है।
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