जम्मू-कश्मीर में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, अफगानिस्तान में था केंद्र भारत 2 महीने पहले 52
शनिवार शाम जम्मू-कश्मीर में 6.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया, जिसका केंद्र अफगानिस्तान के भीतर स्थित था।

जम्मू-कश्मीर में भूकंप की हलचल

शनिवार की शाम जम्मू-कश्मीर के निवासियों ने भूकंप के तेज झटके महसूस किए। अचानक धरती के हिलने से लोग घबरा गए और सुरक्षा की दृष्टि से अपने घरों से बाहर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र पड़ोसी देश अफगानिस्तान में स्थित था। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.2 दर्ज की गई है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि यह भूकंप सतह से 215 किमी की गहराई पर उत्पन्न हुआ था। भूकंप के ये झटके शनिवार की शाम 7 बजकर 4 मिनट पर महसूस किए गए, जिसने स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया।

भारत में भूकंप के जोखिम वाले क्षेत्र

भूगर्भ विज्ञान विशेषज्ञों के नजरिए से देखा जाए तो भारत का लगभग 59 फीसदी भूभाग भूकंप की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। सुरक्षा के मानकों को देखते हुए देश को चार मुख्य भूकंपीय क्षेत्रों में बांटा गया है, जिन्हें जोन-2, जोन-3, जोन-4 और जोन-5 कहा जाता है। इसमें जोन-5 को सबसे अधिक खतरनाक और संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 में खतरा अपेक्षाकृत कम होता है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो यह जोन-4 में आती है। विशेषज्ञों की मानें तो जोन-4 में 7 से अधिक तीव्रता के भूकंप आने की संभावना बनी रहती है, जो भारी जान-माल का नुकसान कर सकते हैं। हिमालयी बेल्ट के अलावा कच्छ और पूर्वोत्तर भारत जैसे क्षेत्र भी फॉल्ट लाइनों के कारण उच्च जोखिम में हैं, क्योंकि यहाँ भारतीय प्लेट निरंतर यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।

रिक्टर स्केल और तीव्रता का पैमाना

भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का उपयोग किया जाता है, जो तबाही के स्तर का अंदाजा देता है:

  • 4 से 4.9 तीव्रता: घर का हल्का सामान अपनी जगह से गिर सकता है।
  • 5 से 5.9 तीव्रता: फर्नीचर और भारी सामान के हिलने की संभावना रहती है।
  • 6 से 6.9 तीव्रता: इमारतों की नींव और बेस में दरारें आ सकती हैं।
  • 7 से 7.9 तीव्रता: भूकंप के इस स्तर पर इमारतें ढह सकती हैं।
  • 8 से 8.9 तीव्रता: सुनामी का गंभीर खतरा होता है और व्यापक विनाश होता है।
  • 9 या उससे अधिक: यह स्थिति अत्यधिक विनाशकारी होती है।

भूकंप क्यों आते हैं?

दुनिया भर में भूकंप की घटनाओं में हो रही हालिया वृद्धि के पीछे वैज्ञानिक कारण मौजूद हैं। हमारी पृथ्वी की सतह के नीचे 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं जो लगातार अपनी जगह पर धीमी गति से गतिशील रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या इनके बीच घर्षण पैदा होता है, तो ऊर्जा का उत्सर्जन होता है जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं। भूकंप के कारण मकान और ढाँचे गिर जाते हैं, जिससे जान-माल की भारी हानि होती है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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