नेपाल और राजस्थान में भूकंप से कांपी धरती, झालावाड़ में लगातार झटकों के बाद बंद करने पड़े स्कूल विश्व 3 घंटे पहले 2
नेपाल के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दो बार भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, वहीं राजस्थान के झालावाड़ जिले में भी तीन बार धरती हिलने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

पड़ोसी देश नेपाल और भारत के राजस्थान राज्य में भूकंप के तेज झटकों से हड़कंप मच गया है। उत्तर-पश्चिमी नेपाल में मंगलवार देर रात और बुधवार तड़के लगातार दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। राहत की बात यह है कि अभी तक इस प्राकृतिक आपदा में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है।

नेपाल में कुछ ही घंटों के अंतराल पर आए दो भूकंप

राष्ट्रीय भूकंपीय अनुसंधान केंद्र की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में पहला भूकंप मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को आया। रिक्टर पैमाने पर इस पहले झटके की तीव्रता 4.5 मापी गई। स्थानीय समय के मुताबिक यह भूकंप रात के 1 बजकर 51 मिनट पर दर्ज किया गया, जब अधिकांश लोग सो रहे थे।

इसके कुछ ही घंटों बाद, बुधवार सुबह 4 बजकर 28 मिनट पर नेपाल की धरती एक बार फिर कांप उठी। इस दूसरे भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.2 मापी गई। इस प्रकार लगातार दो झटकों ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को डरा दिया।

भूकंप के केंद्र और प्रभावित क्षेत्रों की बात करें तो:

  • इन दोनों भूकंपों का मुख्य केंद्र मुगु जिले के कलाई क्षेत्र के आस-पास का इलाका बताया गया है।
  • इसके झटके मुगु के पड़ोसी जिलों डोल्पा और जुम्ला में भी काफी तीव्रता के साथ महसूस किए गए।

नेपाल को भौगोलिक दृष्टि से भूकंपीय रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी संभावित आफ्टरशॉक (मुख्य भूकंप के बाद आने वाले छोटे झटके) या ढांचागत नुकसान की स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।

राजस्थान के झालावाड़ में भी लगातार तीन झटके, स्कूल बंद

इसी तरह की एक अन्य घटना में भारत के राजस्थान राज्य के झालावाड़ जिले से भी भूकंप की खबर सामने आई है। झालावाड़ में मंगलवार की सुबह एक के बाद एक लगातार तीन हल्के भूकंपीय झटके महसूस किए गए। ये झटके मुख्य रूप से पिड़ावा ब्लॉक की नोलाई ग्राम पंचायत और उसके आस-पास के गांवों में आए, जिससे स्थानीय लोगों के बीच कुछ समय के लिए डर का माहौल बन गया।

स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार:

  • यह भूकंपीय गतिविधि सुबह लगभग 7 बजकर 15 मिनट से लेकर 9 बजकर 50 मिनट के बीच दर्ज की गई।
  • इससे प्रभावित होने वाले गांवों में नोलाई, बरखेड़ी, खजूरी, नापाखेड़ी और आवर शामिल हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि सुबह के समय धरती हिलने का तेज अनुभव हुआ। कुछ चश्मदीदों के अनुसार, जब तीसरा झटका आया तो कंपन इतना तेज था कि घरों की रसोइयों में रखे बर्तन भी जमीन पर गिर गए। ऐहतियाती कदम उठाते हुए, क्षेत्र के एक सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों और कर्मचारियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर यानी खुले मैदान में ले जाया गया। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने स्कूल को उस पूरे दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा, नुकसान का आकलन शुरू

भूकंप के इन झटकों के कारण क्षेत्र के एकाध मकानों में मामूली दरारें आने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। हालांकि, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि मकानों में आईं ये दरारें ताजी हैं या पहले से ही वहां मौजूद थीं। इस पूरी घटना में किसी भी नागरिक के चोटिल होने या किसी बड़ी इमारत के ढहने जैसी कोई अप्रिय खबर नहीं है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय तहसीलदार धनराज गोचर और पिड़ावा थाना प्रभारी रामपाल यादव ने तुरंत प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने वहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बात कर उन्हें सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया। प्रशासन और पुलिस की टीमें पूरी तरह से सतर्क हैं और स्थानीय पटवारी व राजस्व अधिकारियों को लगातार क्षेत्र की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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