पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में बड़ा हादसा: कूलिंग टावर से गिरकर दो मजदूरों की दर्दनाक मौत पश्चिम बंगाल एक महीने पहले 70
दुर्गापुर प्रोजेक्ट लिमिटेड के कूलिंग टावर में रेलिंग काटने के दौरान तीन मजदूर ऊंचाई से नीचे गिर गए, जिसमें दो लोगों की जान चली गई और एक मजदूर गंभीर रूप से घायल है।

दुर्गापुर में हुई भीषण दुर्घटना

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से एक दुखद समाचार सामने आया है, जहां एक औद्योगिक संयंत्र में काम करने के दौरान दो मजदूरों ने अपनी जान गंवा दी। यह घटना दुर्गापुर प्रोजेक्ट लिमिटेड यानी डीपीएल के कूलिंग टावर में घटित हुई। इस हादसे में कुल तीन मजदूर प्रभावित हुए, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल है। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले को अपने संज्ञान में लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कूलिंग टावर पर काम के दौरान बिगड़ा संतुलन

प्राप्त विवरण के अनुसार, मजदूर कूलिंग टावर के ऊपर रेलिंग काटने के कार्य में लगे हुए थे। कार्य के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे अत्यधिक ऊंचाई से नीचे की ओर गिर गए। यह पतन इतना घातक था कि दो मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई। तीसरा मजदूर, जो इस हादसे में बच तो गया लेकिन गंभीर रूप से घायल है, उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल और पुलिसिया जांच

हादसे की सूचना प्राप्त होते ही कोक ओवन थाना पुलिस और भारतीय मजदूर संघ के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे। वर्तमान में पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या काम के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि वे इस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगा रहे हैं और यह भी देख रहे हैं कि क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती गई थी। इस घटना के बाद से पूरे डीपीएल परिसर में शोक की लहर दौड़ गई है।

औद्योगिक दुर्घटनाओं का सिलसिला

पश्चिम बंगाल में औद्योगिक हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व पूर्व मेदिनीपुर जिले स्थित हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स परिसर में भी एक गंभीर घटना घटी थी। वहां नेफ्था की एक पाइपलाइन में अचानक भीषण आग लग गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग जख्मी हुए थे। उस अग्निकांड की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के कई घर जलकर पूरी तरह खाक हो गए थे और रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइन को भी भारी नुकसान पहुंचा था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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