जमीन में दबे खजाने का झांसा देकर ठगी का खेल: दुर्ग में पकड़े गए 5 जालसाज, 1.2 किलो नकली सोना जब्त छत्तीसगढ़ एक महीने पहले 25
दुर्ग पुलिस ने नकली सोने को असली बताकर बेचने वाले एक अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1.242 किलो नकली सोना बरामद हुआ है।

दुर्ग जिले में पुलिस ने ठगी करने वाले एक बड़े अंतरजिला गिरोह को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। यह गिरोह नकली सोने को असली बताकर लोगों को सस्ते दामों में बेचने का लालच देता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 05 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से बड़ी मात्रा में नकली सोना बरामद किया है।

शातिर तरीके से देते थे वारदात को अंजाम

पकड़े गए आरोपी बेहद चालाकी से अपने जाल में लोगों को फंसाते थे। भोले-भाले लोगों का भरोसा जीतने के लिए वे एक काल्पनिक कहानी गढ़कर सुनाते थे। आरोपी यह दावा करते थे कि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ खजाना मिला है या किसी हंडे में सोने के सिक्के हाथ लगे हैं।

इसी 'गड़े हुए धन' का लालच देकर वे लोगों को नकली सोना असली बताकर बेच देते थे और मोटी रकम ऐंठ लेते थे।

पीड़ित की शिकायत पर खुला मामला

इस पूरे मामले का पर्दाफाश बोरसी निवासी जितेंद्र साहू की रिपोर्ट के बाद हुआ। जितेंद्र साहू ने पुलिस को अपने साथ हुई धोखाधड़ी की पूरी जानकारी दी। शिकायत मिलते ही उतई पुलिस की टीम सक्रिय हो गई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।

छापेमारी में बड़ी बरामदगी

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और भौतिक सबूतों के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से करीब 1.242 किलोग्राम सोने जैसी दिखने वाली नकली धातु के बिस्किट जब्त किए गए।

इसके अलावा पुलिस ने एक नकली सोने का सिक्का, आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला वाहन, मोबाइल फोन और अन्य अहम साक्ष्य सामग्री भी बरामद की है।

पुलिस का बयान

एएसपी दुर्ग मणिशंकर चंद्रा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने इसे उतई पुलिस की एक बड़ी कामयाबी बताया।

उन्होंने कहा कि फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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