भारत
एक घंटा पहले
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विचारों
अर्थव्यवस्था और वैश्विक चुनौतियों पर राष्ट्रपति का दृष्टिकोण
स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर अपने विशेष संबोधन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश की वर्तमान स्थिति और वैश्विक परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रेखांकित किया कि मौजूदा समय में पूरी दुनिया विभिन्न युद्धों और संघर्षों के कारण गहरे संकट से गुजर रही है। इन तमाम अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर लगातार तेज बनी हुई है, जो देश के मजबूत आधार को दर्शाती है।
समान अवसर और न्याय की पहुंच
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने एक ऐसे भारत की तस्वीर पेश की जहाँ प्रत्येक नागरिक को अपने सपनों को पूरा करने और विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का पूर्ण अवसर प्राप्त है। इसके साथ ही उन्होंने न्याय प्रणाली को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति और संस्था की यह जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी नागरिक को संसाधनों के अभाव में न्याय से वंचित न रहना पड़े। यह सुनिश्चित करना सभी का कर्तव्य है कि न्याय हर तबके तक आसानी से पहुंचे।
अद्यतन जानकारी
यह समाचार वर्तमान में अद्यतन किया जा रहा है और जैसे ही राष्ट्रपति के संबोधन के अन्य महत्वपूर्ण अंश प्राप्त होंगे, उन्हें यहाँ विस्तार से शामिल किया जाएगा।
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