अमृतसर हवाई अड्डे पर दिखे संदिग्ध ड्रोन, सुरक्षा के लिए 7 विमानों का बदला गया रास्ता पंजाब एक घंटा पहले 3
पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार रात संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गईं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 7 उड़ानों को दिल्ली और चंडीगढ़ की ओर मोड़ना पड़ा।

सुरक्षा में भारी चूक का मामला

पंजाब में स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार की रात उस समय हड़कंप मच गया जब एयरपोर्ट के संवेदनशील ऑपरेशनल एरिया के ऊपर संदिग्ध ड्रोन मंडराते हुए पाए गए। घटना रात लगभग 10 बजे की है, जब रनवे के आसपास दो से चार संदिग्ध ड्रोन की मौजूदगी दर्ज की गई। ड्रोन के दिखते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी ATC ने तत्काल प्रभाव से अलर्ट जारी किया। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों ने अमृतसर आने वाली 7 विमान सेवाओं को अन्य शहरों की ओर डायवर्ट करने का कड़ा फैसला लिया।

शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, ये ड्रोन रजाला गांव की तरफ से आते हुए देखे गए थे। ये संदिग्ध वस्तुएं कुछ समय तक एयरपोर्ट के रनवे और उसके आसपास के अति-संवेदनशील हवाई क्षेत्र में चक्कर लगाती रहीं। इस गतिविधि के संज्ञान में आते ही सुरक्षा एजेंसियों ने घेराबंदी शुरू कर दी।

डायवर्ट की गई उड़ानों की सूची

सुरक्षा कारणों से प्रभावित हुई उड़ानों का विवरण इस प्रकार है:

  • मलेशिया एयरलाइंस (एमएच-118): कुआलालंपुर से अमृतसर आने वाली फ्लाइट को दिल्ली भेजा गया।
  • इंडिगो (6ई-5028): मुंबई से अमृतसर की उड़ान को चंडीगढ़ डायवर्ट किया गया।
  • इंडिगो (6ई-2045): दिल्ली से अमृतसर की फ्लाइट को चंडीगढ़ की ओर भेजा गया।
  • एअर इंडिया (एआई-479): दिल्ली से आ रही फ्लाइट को वापस दिल्ली भेज दिया गया।
  • एअर इंडिया (एआई-855): दिल्ली से आने वाली उड़ान वापस दिल्ली लौट गई।
  • इंडिगो (6ई-1428): शारजाह से अमृतसर की उड़ान को दिल्ली के लिए मोड़ दिया गया।
  • एअर इंडिया एक्सप्रेस (आईएक्स-138): शारजाह से आने वाली फ्लाइट को दिल्ली डायवर्ट किया गया।

सामरिक रूप से संवेदनशील है हवाई अड्डा

श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पंजाब का सबसे प्रमुख और व्यस्त एयरपोर्ट माना जाता है। यह अमृतसर शहर के केंद्र से लगभग 11 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में राजा सांसी क्षेत्र में स्थित है। सिखों के चौथे गुरु राम दास जी के नाम पर स्थापित यह हवाई अड्डा दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद उत्तर भारत में काफी महत्व रखता है।

सुरक्षा के लिहाज से इसकी स्थिति बेहद संवेदनशील है, क्योंकि यह भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से हवाई मार्ग के जरिए 30 किलोमीटर से भी कम, यानी करीब 18.6 मील की दूरी पर है। सीमा के इतने करीब होने की वजह से यहां किसी भी तरह की ड्रोन गतिविधि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती है।

सीमा पर ड्रोन की गतिविधियां

इससे पहले अगस्त के महीने में जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भी पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने का मामला सामने आया था। वहां भारतीय सेना ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया था। उस दौरान नौशेरा सेक्टर के रुमलीधारा इलाके में सुबह करीब 8:05 बजे तीन ड्रोन भारतीय सीमा में देखे गए थे। 22 जम्मू-कश्मीर राइफल्स के जांबाज जवानों ने समय रहते उन्हें पहचान लिया और काउंटर-ड्रोन सिस्टम को सक्रिय किया, जिसके बाद वे ड्रोन वापस लौटने पर मजबूर हो गए थे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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