भारत
2 महीने पहले
77
विचारों
सटीक प्रहार में सक्षम पिनाका रॉकेट
भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी कामयाबी दर्ज की गई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस रॉकेट को न्यूनतम 60 किलोमीटर की मारक क्षमता के लिए टेस्ट किया गया था, जिसमें यह पूरी तरह सफल रहा। परीक्षण के दौरान रॉकेट ने अपनी उड़ान के सभी निर्धारित मापदंडों को बखूबी पूरा किया और सटीक तरीके से अपने निशाने को ध्वस्त कर दिया।
रक्षा मंत्री ने टीम को दी बधाई
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और भारतीय सेना के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह परीक्षण लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट प्रणाली की स्वदेशी डिजाइन और विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। यह तकनीक न केवल सेना की मारक क्षमता को बढ़ाती है, बल्कि स्वदेशी रक्षा उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता को भी प्रदर्शित करती है।
अत्याधुनिक तकनीक और निगरानी
इस रॉकेट प्रणाली को विकसित करने में डीआरडीओ की कई महत्वपूर्ण प्रयोगशालाओं ने मिलकर काम किया है। इसमें हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी और आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट ने डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी और रिसर्च सेंटर इमारत के साथ समन्वय स्थापित कर इसे तैयार किया है। परीक्षण की पूरी प्रक्रिया के दौरान डीआरडीओ के चेयरमैन राजेश कुमार सिंह, जो रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव भी हैं, ने व्यक्तिगत रूप से सभी टीमों का मार्गदर्शन किया और पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी।
मौजूदा लॉन्चर से हुआ सफल लॉन्च
इस रॉकेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पहले से ही भारतीय सेना में शामिल पिनाका लॉन्चर का उपयोग करके दागा गया है। इससे यह सिद्ध होता है कि भारतीय सेना एक ही लॉन्चर प्रणाली से विभिन्न रेंज वाले पिनाका रॉकेट वैरिएंट्स का इस्तेमाल कर सकती है, जो इसे और अधिक बहुमुखी बनाता है। उड़ान के दौरान तैनात अत्याधुनिक ट्रैकिंग उपकरणों ने रॉकेट के हर मूवमेंट को दर्ज किया, जिससे इसकी सटीकता की पुष्टि हुई।
रेंज का विस्तार
पिनाका के इस उन्नत संस्करण ने पहले भी अपनी क्षमता साबित की है। इससे पूर्व दिसंबर 2025 में भी चांदीपुर से इसका परीक्षण किया गया था, जिसमें रॉकेट ने 120 किलोमीटर की दूरी तक मार करने का प्रदर्शन किया था। वर्तमान में इस रॉकेट की प्रभावी रेंज 60 किलोमीटर से लेकर 120 किलोमीटर के बीच है, जो इसे दुश्मन के ठिकानों को दूर से ही निशाना बनाने में बेहद घातक बनाती है।
Comments
0 comment