आर्थिक तंगी से घिरे ईरान को होर्मुज खोलना ही होगा, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा विश्व 7 घंटे पहले 2
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए बेताब है।

आर्थिक मोर्चे पर बुरी तरह फंसा है ईरान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि ईरान पर गहराता आर्थिक संकट उसे झुकने पर मजबूर कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तत्काल प्रभाव से फिर से खोलना चाहता है क्योंकि इस जलमार्ग के बंद रहने से देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है। ट्रंप का स्पष्ट मानना है कि रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस समुद्री रास्ते को बंद करने का निर्णय ईरान के लिए ही आत्मघाती साबित हुआ है, जिससे वह खुद एक विकट स्थिति में फंस गया है।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान की माली हालत बेहद खराब है और उनके पास पर्याप्त पैसा नहीं आ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज के जरिए होने वाले व्यापार से ईरान को जो आर्थिक मजबूती मिलती थी, उस पर लगी रोक ने उन्हें परेशानी में डाल दिया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने दुनिया को परेशान करने की नीयत से यह कदम उठाया था, लेकिन उसके जवाब में अमेरिका ने सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी नाकाबंदी लगाकर उन्हें घेर लिया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस नाकाबंदी के दौरान अन्य देशों के लिए रास्ता खुला है, जबकि ईरान पर दबाव निरंतर जारी है।

ईरान की तीन शर्तें और अमेरिका का रुख

यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब ईरान ने होर्मुज को दोबारा शुरू करने और अपने परमाणु कार्यक्रमों पर चर्चा के लिए एक 7 दिन की समय सीमा वाली कार्ययोजना पेश की थी। ईरान की इस योजना में मुख्य रूप से तीन शर्तें शामिल थीं। ईरान ने मांग की थी कि अमेरिका अपनी नौसैनिक घेराबंदी को समाप्त करे, ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को हटाए और लेबनान में जारी संघर्ष को देखते हुए युद्धविराम का पालन करे। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान द्वारा रखे गए इन सभी प्रस्तावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

शर्तें पूरी होने पर ही खुलेगा रास्ता

दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान ने ट्रंप की अस्वीकृति को ध्यान में रखा है। अराघची के मुताबिक, उन्हें अब तक मध्यस्थों के जरिए अमेरिका की ओर से कोई भी ठोस या आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। ईरान का रुख अभी भी अडिग है और उन्होंने दोहराया है कि होर्मुज को खोलने का निर्णय उनकी पूर्व निर्धारित शर्तों के पूरा होने पर ही लिया जाएगा। अराघची का कहना है कि उनकी मांगें बिल्कुल स्पष्ट हैं और जलमार्ग बहाल करने के लिए अमेरिका को पहले उन शर्तों पर सहमत होना होगा। फिलहाल ईरान मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका के अंतिम आधिकारिक निर्णय का इंतजार कर रहा है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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