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एक घंटा पहले
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कर्नाटक मंत्रिमंडल में फेरबदल की सुगबुगाहट
बेंगलुरू में सत्ता के गलियारों में कर्नाटक मंत्रिमंडल के आगामी विस्तार को लेकर चर्चाएं चरम पर हैं। खबरों के अनुसार, आगामी सोमवार को कैबिनेट का विस्तार किया जा सकता है, जिसमें 18 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। विधानसभा चुनाव से पहले सरकार में नए चेहरों को शामिल कर एक नई ऊर्जा का संचार करने की कवायद चल रही है। कांग्रेस की रणनीति राज्य के विभिन्न जातिगत समीकरणों को साधने की है ताकि अगले दो वर्षों के लिए प्रशासनिक ढांचे को मजबूती दी जा सके।
दिल्ली में मंथन के बाद बनी सहमति
शुक्रवार का दिन राजनीतिक गतिविधियों से भरा रहा, जहां कई कांग्रेस विधायकों ने खुलकर मंत्री पद की अपनी दावेदारी पेश की। वहीं, कई अन्य नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय दिल्ली स्थित पार्टी हाई कमान पर निर्भर करेगा। हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित निवास पर करीब दो घंटे तक एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसके बाद से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। स्मरण रहे कि डीके शिवकुमार ने जून महीने में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी।
कैबिनेट के संभावित चेहरे
विभिन्न राजनीतिक गलियारों और पार्टी सूत्रों से छनकर आ रही जानकारी के आधार पर, जो संभावित नाम मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं, उनमें प्रमुख रूप से ये शामिल हैं:
लिंगायत समुदाय से दावेदार
- एसएस मल्लिकार्जुन
- लक्ष्मी हेब्बालकर
- लक्ष्मण सावदी
- यशवंत गौड़ा पाटिल
अन्य वर्गों से संभावित मंत्री
- एसटी वर्ग से: नागेंद्र
- सामान्य वर्ग: अजय सिंह
- मुस्लिम प्रतिनिधित्व: रिज़वान या ज़मीर
- अन्य प्रमुख चेहरे: शिवराज थंगदागी, बसवराज राया रेड्डी, शरद बच्चे गौड़ा, मधु बंगारप्पा या गवियप्पा
इसके अतिरिक्त, बोस राज, रघु मूर्ति, श्रीनिवास माने और संतोष लाड जैसे नामों पर भी काफी चर्चा हो रही है।
विधायकों की प्रतिक्रिया और दावेदारी
कांग्रेस विधायक बसवराज रायरेड्डी ने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल विस्तार का अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व को लेना है। रायरेड्डी ने उम्मीद जताई कि सोमवार तक सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं पद के दावेदार नहीं हैं, बल्कि पार्टी के अनुशासित सिपाही के रूप में कार्य करने को तैयार हैं।
वहीं, विधायक अशोक पट्टन ने बताया कि उन्हें जानकारी है कि AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल रविवार शाम तक बेंगलुरू पहुंच जाएंगे, जिसके बाद रविवार शाम या सोमवार सुबह तक घोषणा हो सकती है। पट्टन ने अपनी दावेदारी पर मुहर लगाते हुए कहा कि फिलहाल किसी को यह आधिकारिक तौर पर नहीं पता कि किन नामों को आलाकमान की स्वीकृति मिली है।
विधायक नयना मोटाम्मा ने भी सोमवार को शपथ ग्रहण की उम्मीद जताई है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के साथ हुई अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि यदि युवाओं और महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का निर्णय लिया जाता है, तो वे जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। इसी प्रकार, विधायक शिवराज तंगदागी और शिवलिंगे गौड़ा ने भी विश्वास जताया है कि सोमवार तक मंत्रिमंडल विस्तार की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी और पार्टी हाई कमान का जो भी निर्णय होगा, उसे सभी स्वीकार करेंगे।
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