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एक घंटा पहले
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विचारों
गर्मी का मौसम अपने पूरे शबाब पर है। दिल्ली समेत समूचे उत्तर भारत में पारा 41 डिग्री के पार जा चुका है। बीच-बीच में होने वाली बारिश थोड़ी राहत जरूर देती है, लेकिन उमस लोगों की हालत खराब कर देती है। ऐसे हालात में एसी चलाना मजबूरी बन जाता है। जिन घरों में एयर कंडीशनर लगे हैं, वहां इन्हें चलाना शुरू भी कर दिया गया है। मगर सबसे बड़ी परेशानी तब खड़ी होती है जब एसी चलने के बावजूद कमरा ठंडा नहीं होता। अगर आपका एसी भी कुछ ऐसी ही दिक्कत दे रहा है, तो कुछ जरूरी बातें जान लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
अक्सर लोग यह मानकर कि एसी खराब हो गया है, बिना सोचे-समझे मैकेनिक को बुला लेते हैं और इसका सीधा असर जेब पर पड़ता है। लेकिन तकनीशियन को फोन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर कौन-सी चीजें आपके एसी की ठंडी हवा को रोक रही हैं। कई बार समस्या इतनी मामूली होती है कि आप उसे खुद ही ठीक कर सकते हैं।
गंदा एयर फिल्टर सबसे बड़ी वजह
एसी की कूलिंग कम होने की सबसे आम और पहली वजह इनडोर यूनिट में लगा गंदा एयर फिल्टर होता है। एसी जब लगातार चलता है, तो कमरे की हवा के साथ धूल और मिट्टी इसके फिल्टर पर जमा होती रहती है। धीरे-धीरे यह जमाव इतनी मोटी परत बना लेता है कि हवा का बहाव यानी एयरफ्लो पूरी तरह रुक जाता है। जब ठंडी हवा बाहर ही नहीं निकल पाएगी, तो भला कमरा कैसे ठंडा होगा।
इसलिए हर दो हफ्ते में एक बार एसी का फ्रंट पैनल खोलकर फिल्टर को बाहर निकालें और उसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। साफ फिल्टर न सिर्फ कूलिंग को दमदार बनाता है, बल्कि घर की हवा को भी स्वच्छ रखता है।
गैस लीकेज और रेफ्रिजरेंट की कमी
अगर फिल्टर साफ होने के बावजूद हवा ठंडी नहीं आ रही, तो इसका सीधा ताल्लुक रेफ्रिजरेंट यानी कूलिंग गैस से हो सकता है। एसी के अंदर बहने वाली यही गैस कमरे की गर्मी को सोखकर उसे ठंडा करती है। अगर पाइपलाइन में कहीं छोटा-सा कट या लीकेज हो जाए, तो गैस धीरे-धीरे घटने लगती है। इससे कूलिंग पूरी तरह बंद हो जाती है और कंप्रेसर पर लोड बढ़ने से बिजली का बिल भी आसमान छूने लगता है।
आउटडोर यूनिट की अनदेखी न करें
अगर ऊपर बताई गई दोनों चीजें ठीक हैं, तो घर के बाहर लगी आउटडोर यूनिट पर भी ध्यान देना जरूरी है। अगर आउटडोर यूनिट के कंडेंसर कॉइल पर भारी धूल-मिट्टी जमी हो या वह ऐसी बंद जगह पर लगी हो जहां सीधी धूप पड़ती है, तो वह कमरे की गर्मी को बाहर नहीं फेंक पाएगी। कॉइल की सफाई करवाकर और उसके आसपास हवा का रास्ता खुला रखकर इस परेशानी से बचा जा सकता है।
कमरे के हिसाब से एसी की क्षमता
कई बार एसी में कोई खराबी नहीं होती, फिर भी कूलिंग कम होती है या होती ही नहीं। ऐसे में मुमकिन है कि कमरा बहुत बड़ा हो और वहां कम क्षमता वाला एसी लगा हो। बड़े कमरे के लिए हमेशा डेढ़ या दो टन के एसी की जरूरत होती है, ताकि वह पूरी जगह को कवर कर सके। अगर बड़े कमरे में 1 टन का एसी लगाएंगे, तो परेशानी बनी रहेगी। ऐसी स्थिति में गर्मियों के दौरान कमरे का पार्टिशन कर लेना एक बेहतर उपाय है।
तापमान सेटिंग की गलती
लोग अक्सर थर्मोस्टैट या टेम्परेचर सेटिंग में भी चूक कर बैठते हैं। अगर आपने रिमोट से तापमान 26 या 28 डिग्री सेल्सियस पर सेट कर रखा है, तो बहुत ज्यादा गर्मी के दौरान कमरा कभी ठंडा महसूस नहीं होगा। बेहतर और आरामदायक कूलिंग के लिए तापमान हमेशा 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना चाहिए, जो सेहत और बिजली बिल दोनों के लिहाज से एकदम सही रहता है।
कमरे की बनावट और आदतें भी अहम
चाहे कितना भी अच्छा एसी क्यों न लगा हो, अगर कमरे की बनावट और हमारी आदतें सही नहीं हैं, तो कूलिंग का असर नहीं दिखेगा। अगर कमरे के दरवाजे या खिड़कियां बार-बार खुलते रहते हैं या उनमें छोटे-छोटे गैप हैं, तो बाहर की गर्म हवा लगातार अंदर आती रहेगी और अंदर की ठंडी हवा बाहर निकलती रहेगी। ऐसे में एसी बिना रुके चलता रहेगा, पर कमरा ठंडा नहीं होगा। इसीलिए खिड़कियों के गैप को सील करना बेहद जरूरी है।
कंप्रेसर और वोल्टेज से जुड़ी दिक्कत
कभी-कभी समस्या थोड़ी गंभीर होती है, जो सीधे एसी कंप्रेसर से जुड़ी होती है। अगर एसी चल रहा है और इनडोर यूनिट से हवा भी आ रही है, लेकिन वह हवा बिल्कुल सामान्य पंखे जैसी है, तो समझ लीजिए कि कंप्रेसर चालू नहीं हुआ है। जब कंप्रेसर या फैन मोटर में कोई तकनीकी खराबी आती है, तो वह ठंडी हवा बनाना बंद कर देता है।
इसके पीछे एक बड़ी वजह वोल्टेज की कमी भी हो सकती है। अगर आपके इलाके में बिजली का वोल्टेज बहुत कम आ रहा है, तो कंप्रेसर को स्टार्ट होने के लिए पूरी पावर नहीं मिलती और वह ट्रिप कर जाता है। ऐसी हालत में घर का मुख्य स्टेबलाइज़र जरूर जांचें, ताकि एसी को सही वोल्टेज मिल सके।
पहले खुद जांचें, फिर बुलाएं तकनीशियन
जब भी एसी कम कूलिंग करे, तो तुरंत खुद कुछ बेसिक चीजें जांचें — जैसे एयर फिल्टर साफ है या नहीं, कमरे के दरवाजे और खिड़कियां ठीक से बंद हैं या नहीं, रिमोट पर टेम्परेचर सेटिंग सही मोड पर है या नहीं, और बाहर रखी आउटडोर यूनिट के सामने कोई रुकावट तो नहीं है। ये सब आप खुद चंद मिनटों में देख सकते हैं।
लेकिन अगर समस्या गैस लीक होने की है, कंप्रेसर बिल्कुल काम नहीं कर रहा, कॉइल पूरी तरह चोक हो चुके हैं, या फिर वायरिंग और वोल्टेज में कोई बड़ी गड़बड़ी है, तो बिना देर किए किसी प्रोफेशनल टेक्नीशियन को बुलाएं, ताकि आपका एसी बिना किसी बड़े नुकसान के जल्द से जल्द ठीक हो सके।
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