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एक घंटा पहले
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दिवाली पर उल्लू का विशेष महत्व
दिवाली का पावन पर्व नजदीक आते ही देशभर में उत्साह का माहौल है। इस दिन घरों में सुख-समृद्धि की कामना के साथ धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। हिंदू धर्मग्रंथों और लोक मान्यताओं में मां लक्ष्मी के वाहन के रूप में उल्लू का विशेष उल्लेख मिलता है। ऋषिकेश के निवासी ज्योतिषी अखिलेश पांडेय के अनुसार, दिवाली की रात उल्लू का दिखाई देना बहुत शुभ संकेत माना जाता है और इसे आर्थिक उन्नति से जोड़ा जाता है।
इस साल कब है दिवाली?
ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बताया कि वर्ष 2026 में दिवाली का त्योहार 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर घरों की स्वच्छता और आकर्षक सजावट का विशेष ध्यान रखा जाता है। शाम के समय शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की जाती है। पूजा के दौरान दीप प्रज्वलित कर फल, मिठाई, धूप और फूलों से विधिवत पूजन संपन्न होता है और अंत में मां लक्ष्मी की आरती की जाती है।
क्यों है उल्लू को वाहन बनाने के पीछे रहस्य?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर मां लक्ष्मी ने उल्लू को ही अपना वाहन क्यों चुना। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उल्लू एक ऐसा प्राणी है जो रात्रि के घोर अंधेरे में भी स्पष्ट देख सकता है। इसे बुद्धिमत्ता और सतर्कता का प्रतीक भी माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में उल्लू का संबंध मां लक्ष्मी की कृपा से जोड़ा गया है, क्योंकि वह भी लक्ष्मी जी की तरह ही एकांत और शांति प्रिय होता है। यदि दिवाली की रात आपको कहीं उल्लू दिखाई दे, तो इसे सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, उस दौरान किसी भी प्रकार की नकारात्मक प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए और उसे देखकर मन में ईश्वर के प्रति कृतज्ञता प्रकट करनी चाहिए। यह संकेत व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आने का एक माध्यम माना जाता है।
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