दिवाली से पहले कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा ऐलान, केरल में एसआईआर के खिलाफ होगा प्रदर्शन राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 6
कॉकरोच जनता पार्टी ने एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ 7 नवंबर को केरल के कोच्चि में विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया है। यह आयोजन कोच्चि के राजेंद्र मैदान में शाम 4 बजे से किया जाएगा।

केरल में होगा कॉकरोच जनता पार्टी का शक्ति प्रदर्शन

आगामी दिवाली के त्योहार से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सीजेपी ने केरल के कोच्चि में आगामी 7 नवंबर को एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के विरोध में एक बड़े आंदोलन का आह्वान किया है। पार्टी ने इस कार्यक्रम को 'कोच्चि में जंतर-मंतर' का नाम दिया है, जो स्पष्ट रूप से दिल्ली के उस विरोध स्थल की ओर इशारा है जिसे लेकर हाल ही में काफी विवाद हुआ था।

प्रदर्शन का समय और स्थान

सीजेपी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन कोच्चि स्थित राजेंद्र मैदान में आयोजित किया जाएगा। पार्टी की ओर से निर्धारित समय के मुताबिक, कार्यकर्ता और पदाधिकारी 7 नवंबर को शाम 4 बजे वहां जुटेंगे। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग को बुलंद करना है। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लोकतंत्र को बचाने और एसआईआर को खत्म करने का आह्वान करते हुए आम जनता से इस मुहिम में जुड़ने की अपील की है।

सीजेपी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी

इस आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके खुद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे। उनके साथ पार्टी के दक्षिण क्षेत्र के प्रमुख विजय मल्लांगी और राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी मांगों को मजबूती से रखेंगे। यह प्रदर्शन सीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दिल्ली में अपने नेताओं की गिरफ्तारी के बाद यह उनका पहला बड़ा सार्वजनिक आंदोलन है।

दिल्ली में हुई थी नेताओं की गिरफ्तारी

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व सीजेपी के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। बिना अनुमति के जुटान के चलते दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसके बाद प्रशासन ने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शनों की सूची से ही हटा दिया था। उस निर्णय के विरोध में अशुतोष रांका और सौरव दास ने प्रदर्शन स्थल पर जाकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर एक सप्ताह तक जेल में रखा गया था। उन नेताओं को तब रिहा किया गया जब उन्होंने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने यह लिखित आश्वासन दिया कि जब तक जंतर-मंतर पर प्रतिबंध रहेगा, वे वहां कोई भी आयोजन नहीं करेंगे।

अभिजीत दीपके पर लगी हैं शर्तें

पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके का हालिया समय काफी तनावपूर्ण रहा है। पिछले महीने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा करने पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। बाद में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने उन्हें जमानत दी थी, लेकिन इस दौरान कुछ कड़ी शर्तें भी लगाई गई थीं। जमानत की प्रमुख शर्तों में यह शामिल था कि दीपके अगले 1 साल तक ऐसी कोई भी स्थिति पैदा नहीं करेंगे जिससे शांति भंग होने की आशंका हो। इन कानूनी पेचीदगियों के बावजूद वे अब कोच्चि में सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

सियासी गलियारों में चर्चा

सीजेपी ने हाल ही में 1 नवंबर को दिल्ली में इंडिया गठबंधन द्वारा निकाले गए मार्च को अपना नैतिक समर्थन दिया था। हालांकि, राहुल गांधी के नेतृत्व में रामलीला मैदान में आयोजित विशाल रैली से पार्टी ने दूरी बनाए रखी थी। अब केरल के कोच्चि में होने वाला यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि सीजेपी अपनी राजनीतिक पहचान और मतदाता सूची के मुद्दों पर सरकार के साथ सीधी टक्कर लेने के मूड में है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कोच्चि का प्रशासन इस प्रस्तावित प्रदर्शन को किस तरह से संभालता है और पार्टी की भविष्य की रणनीति क्या होती है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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